भट्टू क्षेत्र में सुबह के समय छाए कोहरे के बीच बुवाई करता किसान। स्रोत किसान
फतेहाबाद। जिले में पिछले कई दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अधिक बना हुआ था, लेकिन वीरवार को इसमें कमी आने से लोगों को राहत मिली है। जिले में दो दिन से फसल अवशेष नहीं जलाए गए हैं, जिससे हवा में प्रदूषण घटा है। बुधवार को जिले का एक्यूआई 166 दर्ज हुआ, जो कि येलो जोन में आता है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से तापमान में गिरावट के कारण अलसुबह ठंड का अनुभव होने लगा है और रात्रि के तापमान में गिरावट जारी रहने की संभावना है। इस वर्ष दिवाली पर फोड़े गए पटाखों की वजह से 23 अक्तूबर को अधिकतम एक्यूआई 367 तक पहुंच गया था, जिससे आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी थी।
हालांकि, अब हालात सुधरने लगे हैं और एक्यूआई लगातार 200 से नीचे दर्ज होने से लोगों को राहत मिली है। जिले में पराली प्रबंधन को लेकर भी जागरूकता बढ़ी है। हरसेक ने 10 फसल अवशेष जलाने की लोकेशन कृषि विभाग को भेजी थी, जिनमें मौके पर जाकर जांच की गई। केवल 7 स्थानों पर आग पाई गई और संबंधित 7 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
कृषि एवं कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक डॉ. राजपाल ने बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन में सरकार का पर्याप्त सहयोग मिल रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेष में आग न लगाएं। पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी और प्लांटों में पराली को 190 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिल रही है।