भट्टू कलां। भट्टू क्षेत्र के कृषि विभाग के कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) विशाल का शव संदिग्ध हालात में उनके कमरे में फंदे पर लटका हुआ मिला है। एक दिन पहले ही एडीओ के खिलाफ सिरसा जिले की डबवाली सदर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया था।
घटना की सूचना मिलने पर भट्टू थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों के आने के बाद दरवाजा खोलकर शव बाहर निकाला गया। एडीओ विशाल मूलरूप से राजस्थान की पीलीबंगा तहसील के गांव दुलमानी के निवासी थे। उनकी ड्यूटी भट्टू खंड के ढिंगसरा सर्किल में होने के कारण वह मॉडल कॉलोनी में किराये पर कमरा लेकर अकेले रहते थे। विशाल शादीशुदा हैं और उनकी तीन बेटियां हैं।
मिली जानकारी के अनुसार एडीओ विशाल ने बुधवार को अपने एक कारिंदे को कमरे पर बुलाया था। जब कारिंदा कमरे पर पहुंचा तो देखा कि कमरे का गेट बंद है। काफी आवाज लगाने पर भी जब गेट नहीं खुला तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे में लगे एसी की खिड़की से देखा तो शव फंदे पर लटक रहा था।
डबवाली में हुआ केस दर्ज
डबवाली सदर पुलिस ने वहां कार्यरत रह चुके एडीओ विशाल, कृषि विभाग के सुपरवाइजर, एक पटवारी व 14 किसानों के खिलाफ सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया था। सीएम फ्लाइंग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 2021 खरीफ की प्रति हेक्टेयर रिपोर्ट, पटवारी द्वारा तैयार गिरदावरी रिपोर्ट, मुआवजा राशि की रिपोर्ट और किसानों द्वारा डाले गए क्लेम की रिपोर्ट का अवलोकन किया। इस दौरान सामने आया कि गांव पाना में गिरदावरी रिपोर्ट अनुसार 40 हेक्टेयर में ही धान की फसल बोई थी, जबकि किसानों द्वारा 104.71 हेक्टेयर भूमि में धान की फसल दिखाकर 37 लाख से ज्यादा का बीमा क्लेम ले लिया। पटवारी की खराबा रिपोर्ट में 2021 में पाना गांव में 550 हेक्टेयर में नरमा बुआई हुई थी, जिसमें 34 से 50 प्रतिशत नुकसान था, जिसके लाखों रुपये सरकार ने दिए। सीएम फ्लाइंग के अनुसार कुछ किसानों ने कपास का मुआवजा सरकार से व धान का मुआवजा बीमा कंपनी से गलत तरीके से लिया। किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों से मिलीभगत कर झूठे दस्तावेज तैयार किए, जिस पर पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
कोट
एडीओ के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा गया है। इस मामले में परिजनों के बयान के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
-देवेंद्र नैन, प्रभारी, भट्टू थाना