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मुआवजे की मांग, लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर बैठे किसान

Mon, 01 Feb 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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हिसार से डबवाली तक बनने वाले फोरलेेन बाईपास के लिए अधिग्रहण जमीन की मुआवजा राशि न मिलने पर गुस्साए किसानों ने सोमवार सुबह लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर बैठ गए। यहां किसानों ने 20 मिनट तक नारेबाजी की और किसी वाहन को अंदर दाखिल नहीं होने दिया। पुलिसकर्मियों के समझाने के बाद किसानों ने एसडीएम संतलाल पचार को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने एसडीएम को खरी-खरी सुनाई और कहा कि असी तां पहले ही मरे पये हैं, सानू बॉर्डर ते भेज दयो कम तो कम शहीदां विच नां तां लिखा जाऊगा।
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एसडीएम को दिए ज्ञापन में किसान संघर्ष समिति के प्रधान महेश कुमार ने कहा कि भूना बाईपास पर दो महीने से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन द्वारा उनकी भूमि की मुआवजा राशि कम तय की है, जबकि दूसरे जिलों में मुआवजा राशि ज्यादा है। उनकी जमीन की मार्केट वैल्यू 4 करोड़ रुपये है, जबकि सरकार कौड़ी के भाव खरीद रही है। प्रशासन पूर्व निर्धारित अवार्डों के बची सलेटिनम की 70 प्रतिशत राशि भी देने में आनाकानी कर रहा है। प्रशासन व एनएचआई पूर्व निर्धारित अवार्ड से कम कीमत 13 से 14 लाख रुपये दे रहा है। किसानों ने कहा कि हमने अपने अवार्ड के खिलाफ आर्बिटर की कोर्ट में केस डाला हुआ है जो आर्बिटर का फैसला 51 लाख 50 हजार रुपये से ऊपर का होगा। जो आर्बिटर का फैसला होगा वह किसानों को मान्य होगा, लेकिन प्रशासन पुराने अवार्ड से बची राशि भी आर्बिटर से दिलवाना चाहता है जो मान्य नहीं है। उनकी मांग है कि उन्हें खाराखेड़ी, बड़ोपल, धांगड़ व दरियापुर से अधिक मुआवजा राशि दी जाए। उसके बाद ही धरना समाप्त करेंगे। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि उनकी मांग नहीं मानी तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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