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Fatehabad News: दो साल बाद आई दौड़ने की घड़ी, रामफल ने फिर लगा दी पदकों की झड़ी

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चरखी दादरी। खेलने की कोई उम्र नहीं होती है। बस जज्बा और मजबूत हौसले होने चाहिए। इस बात को कमोद निवासी बुजुर्ग धावक रामफल फौगाट ने अपनी लगन के बलबूते चरितार्थ किया है। 58 साल में रामफल फौगाट ने जब गांव में बुजुर्गाें की दौड़ स्पर्धा देखी तो उनके मन में भी इस तरह की स्पर्धाओं में भाग लेने का ख्याल आया। इसके बाद दो साल तक सेवानिवृत्ति का इंतजार किया और फिर खेल मैदान में उतरकर रामफल फौगाट ने पदकों की झड़ी लगा दी।
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बुजुर्ग धावक रामफल फौगाट सिंचाई विभाग से अकाउंट क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हैं। वे वर्ष 2006 में सेवानिवृत्त होते ही खेल मैदान से जुड़ गए। इसके बाद उन्होंने धावक के रूप में अपनी पहचान बनाई। रामफल फौगाट ने बताया कि 58 साल से पहले उनका खेल से जुड़ाव नहीं था। एक दिन गांव में बुजुर्गाों की दौड़ देखकर उससे प्रभावित हो गए। इसके बाद उन्होंने धावक बनने की ठानी और अभ्यास करने लगे। 10 साल तक सामान्य दौड़ वाली स्पर्धाओं में सहभागिता निभाई। 70 वर्ष का होने के बाद मैराथन में भाग लेने लगा। उन्होंने कभी भी 5 पांच किलोमीटर से कम की मैराथन में भाग नहीं लिया। उन्होंंने साल 2015 से लेकर अब तक कुल 38 पदक हासिल किए हैं। अब अपने पोता और पोती को भी खेलों के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे फिलहाल उन्हें प्रतिदिन योग भी करवाते हैं।

अब एशियन मैराथन की तैयारी में जुटे
रामफल फौगाट ने बताया कि कोरोना काल के दौरान भी दौड़ का अभ्यास नहीं छोड़ा। अब वे पिछले दो साल से रोहतक में रहकर अपना अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर साल जनवरी में एक एशियन मैराथन होती है। अब वह उसी में अपना प्रदर्शन दिखाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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ये है दिनचर्या
रामफल फौगाट ने बताया कि प्रतिदिन दिनचर्या एक जैसी रहती है। गर्मी में सुबह और सर्दी में शाम का दौड़ का अभ्यास करते हैं। दौड़ के बाद घर आकर थोड़ा विश्राम करते हैं। महीने में एक बार दस किलोमीटर लंबी दौड़ करते हैं। साथ ही रोजाना पांच किलोमीटर साइकिल भी चलाते हैं।


ये है डाइट प्लान
धावक रामफल फौगाट ने बताया कि वो केवल देसी खाना खाते हैं। सुबह दौड़ के बाद वे गर्मी में भीगे हुए एक मुठ्ठी बादाम, अखरोट व अंजीर खाते हैं। सर्दी में वे दूध के साथ सूखे मेवे खाते हैं। दोपहर को खाने में लस्सी, दही, देसी घी में बना चूरमा व सब्जी रोटी और शाम को सब्जी-रोटी व आधा लीटर दूध पीते हैं।
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रामफल फौगाट कीं उपलब्धियां
- 2018 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन में स्वर्ण पदक।
- 2019 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयरटेल हैदराबाद फुल मैराथन में स्वर्ण पदक।
- 2019 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन में कांस्य पदक।
- 2020 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय 21 किलोमीटर टाटा मैराथन मुंबई में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेदांता दिल्ली मैराथन में स्वर्ण पदक।
- 2019 में जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय मैराथन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
- 2019 में अलवर में आयोजित राष्ट्रीय मैराथन प्रतियोगिता में चार स्वर्ण पदक।
- 2019 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मैराथन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
- 2020 में पंचकूला में आयोजित राष्ट्रीय मैराथन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।
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