फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: दो माह बाद शिशुओं को नसीब होगी निमोनिया से बचाव की वैक्सीन

विज्ञापन
फतेहाबाद में जिला वैक्सीन स्टोर। संवाद
विज्ञापन
फतेहाबाद। निजी अस्पतालों में करीब चार हजार रुपये में लगने वाला पैक्ड सेल वॉल्यूम (पीसीवी) वैक्सीन का स्टॉक जिले के सरकारी अस्पतालों में जल्द पहुंचने वाला है। केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश के जिलों को 2 लाख 38 हजार पीसीवी वैक्सीन डोज अलॉट कर दी गई है। पिछले दो माह से पीसीवी वैक्सीन का स्टॉक जिले में खत्म था। इस वैक्सीन की कीमत करीब 3500 रुपये प्रति डोज है। स्टॉक खत्म होने से शिशुओं को ये वैक्सीन नहीं लगाई जा रही थी।
विज्ञापन




पीसीवी वैक्सीन निमोनिया से बचाव के लिए शिशुओं को लगाई जाती है। इस वैक्सीन की डोज शिशु को जन्म के छह सप्ताह और 14 सप्ताह पर दी जाती है। इसके अलावा 9 माह पर पीसीवी की बूस्टर डोज दी जाती है। फतेहाबाद जिले में हर माह पांच हजार शिशुओं को ये वैक्सीन डोज दी जाती है। फिलहाल जिले को सात हजार डोज अलॉट हुई है। संवाद
जानिए कौन से जिले को कितनी अलॉट हुई वैक्सीन डोज
रिजनल वैक्सीन स्टोर जिला पीसीवी वैक्सीन डोज
गुरूग्राम गुरुग्राम 20000
फरीदाबाद 20000
पलवल 12500
नूंह 20000
रेवाड़ी 8000
रोहतक रोहतक 8000
पानीपत 12000
सोनीपत 16000
नारनौल 7000
झज्जर 7000
हिसार भिवानी 7000
हिसार 14000
सिरसा 10000
जींद 10000
फतेहाबाद 7000
चरखीदादरी 4000
कुरुक्षेत्र करनाल 12000
पंचकूला 5000
अंबाला 7000
कैथल 8000
यमुनानगर 10000

शिशु के जन्म के बाद ये होता है टीकाकरण शुरू
जन्म के समय : बीसीजी, ओपीवी, हेपेटाइटिस बी,
छह सप्ताह पर : ओपीवी पहली, पेंटावेलेंट पहली, आइपीवी पहली, रोटा पहली और पीसीवी पहली डोज
10 सप्ताह पर : ओपीवी दूसरी, पेंटावेलेंट और रोटा की दूसरी डोज
14 सप्ताह पर : ओपीवी तीसरी, पेंटावेलेंट तीसरी, आईपीवी, रोटा तीसरी और पीसीवी दूसरी डोज
9 से 12 माह : एमआर पहली डोज, पीसीवी बूस्टर, जेई
16 से 24 माह : एमआर दूसरी डोज, डीपीटी बी, ओपीवी बी, जेई
5 से 6 साल : डीपीटी बूस्टर डोज
10 साल : टीडी
16 साल : टीडी

निमोनिया से बचाव में कारगर वैक्सीन है पीसीवी
चिकित्सकों की माने तो न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होने वाले निमोनिया और अन्य बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका पीसीवी वैक्सीन है। इस टीके के इस्तेमाल से निमोनिया व डायरिया से होने वाली शिशु मृत्युदर में कमी आ रही है। इसलिए अभिभावकों को शिशु को पीसीवी वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
विज्ञापन

कोट
पीसीवी वैक्सीन को लेकर जिले की अलोकेशन आ गई है। जल्द ही जिले के अस्पतालों में पहुंच जाएगी। प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर ये वैक्सीन पहुंचेगी।
विज्ञापन

-डॉ. कुलदीप चौधरी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी फतेहाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें