देर से ही सही लेकिन अस्पताल प्रशासन जाग गया और उसने नर्सरी में दाखिल बच्चों की मां को भी कार्ड जारी कर दिए हैं जिसके आधार पर महिला वार्ड में रह सकेगी तथा नर्सरी में दाखिल बच्चे को टैग लगाकर डिस्चार्ज किया जाएगा। साथ ही अस्पताल प्रशासन ने सिक्योरिटी गार्ड को भी सख्त निर्देश दे दिए हैं कि सुरक्षा में कोताही नहीं बख्शी जाएगी।
अस्पताल की नर्सरी में यदि किसी मां का बच्चा एडमिट होता है तो अस्पताल की ओर से बच्चे की मां को एक हरा कार्ड दिया जाएगा। जिसके आधार पर महिला वार्ड में रह सकेगी और बच्चे को दूध पिला सकेगी।
ऐसे में बिना कार्ड के किसी भी महिला को वार्ड में नहीं आने दिया जाएगा। अस्पताल की नर्सरी में एडमिट बच्चे का पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। जिसके बाद नर्सरी में दाखिल बच्चे का उपचार पूरा होने के बाद बच्चे को डिस्चार्ज टैग लगाकर मां-बाप को सौंपा जाएगा। जिसके बाद वार्ड के मेन गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड उस डिस्चार्ज टैग को देखेंगे और बाहर जाने देंगे।
घटना से पहले महिला वार्ड में सिर्फ डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को पीला कार्ड दिया जाता था। जिसके आधार पर एक व्यक्ति मरीज के पास रह सकता था। सामान्य अस्पताल में शुक्रवार को नवजात शिशु का अपहरण होने के बाद शनिवार को अस्पताल प्रशासन ने महिला वार्ड के स्टाफ की ड्यूटियों में फेरबदल किया है और बताया जा रहा है कि महिला वार्ड में अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। वहीं सिक्योरिटी स्टाफ को इधर से उधर किया गया है तथा अस्पताल प्रशासन ने सिक्योरिटी गार्ड को सख्त निर्देश दिए है कि आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जाए।