नागरिक अस्पताल डिलिवरी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। डिलिवरी के बाद स्टाफ द्वारा परिजनों को लड़का हुआ बताकर पांच सौ रुपये बधाई ले ली गई। लेकिन डिलीवरी कक्ष से बाहर आकर जब शिशु को थमाया तो वह लड़की निकली। गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया और आरोप लगाए कि बधाई के लिए षडयंत्र रचा गया। हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग में एक बार हड़कंप मच गया। स्टाफ ने परिजनों को संतुष्ट किया कि सोमवार को सिर्फ लड़कियां ही हुई है। इसके बाद परिवार के लोग शांत हुए लेकिन बधाई को लेकर उप सिविल सर्जन डॉ.सुनीता सोखी ने जांच के आदेश दिए हैं।
मामले के मुताबिक गांव फूला निवासी रमन ने बताया कि उसकी पत्नी संगीता को डिलिवरी के लिए रविवार दोपहर को लाया गया था। सोमवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर अंदर ले जाया गया। थोड़ी देर बाद स्टाफ ने बाहर आकर मां को बताया कि पोता हुआ है बधाई दीजिए। इस दौरान स्टाफ को खुशी में पांच सौ रुपये दे दिए। परिवार के लोगों ने रिश्तेदारी में फोन कर दिए। इसके बाद स्टाफ ने तौलिया में बच्चे को लपेटकर दे दिया। लेकिन जब बच्चे को कपड़े डालने के लिए तौलिया उतारा तो वह लड़की निकली। लेकिन जब उन्होंने स्टाफ से बात की तो उन्होंने कहा कि लड़की ही हुई है। रमन ने आरोप लगाया कि डिलिवरी के बाद बधाई लेने के लिए लोगों पर दबाव डाला जाता है।
कैमरे की निगरानी में ले रहे बधाई, अधिकारी मौन :
नागरिक अस्पताल बधाई लेने को लेकर पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। यहां तक कि डिलिवरी कक्ष के बाहर सीसीटीवी कैमरें लगे हुए हैं। इनके सामने बधाई ली जाती है। स्टाफ नर्स और चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बधाई के लिए दबाव डालते हैं। तिमारदार जच्च-बच्चा की देखभाल को देखते हुए बधाई भी दे रहे हैं।
नागकिर अस्पताल में नार्मल डिलिवरी से सोमवार को लड़कियां ही हुई है। बधाई लेने को लेकर अभी मामला संज्ञान में नहीं आया है। इसको लेकर जांच की जाएगी।
- डॉ.सुभाष, आरएमओ
मेरे संज्ञान में मामला आया है। मामले को लेकर मैं जांच करूंगी की ऐसा क्यों हुआ है। जिस ने भी बधाई ली है उस स्टाफ पर कार्रवाई होगी।
- डॉ.सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन