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Fatehabad News: डीसी की फटकार के बाद कृषि विभाग ने 135 बेलर मालिकों से मांगा स्पष्टीकरण

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गांव ​​भिरडाना के पास जलती पराली को बुझाते कृ​षि विभाग के कर्मचारी।
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फतेहाबाद। जिले में बढ़ रहे पराली जलाने के मामलों को देखते हुए उपायुक्त अजय सिंह तोमर की फटकार का असर आखिरकार सुस्त पड़े कृषि विभाग के अधिकारियों पर हुआ है। शुक्रवार को कृषि विभाग ने बेलर संचालकों को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब देने को कहा है। वहीं विभाग ने 135 बेलर संचालकाें की सूची जारी की है, लेकिन इसमें भी काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कृषि विभाग दावा कर रहा था कि उनके पास 305 बेलर उपलब्ध हैं, लेकिन शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में सिर्फ 135 बेलर संचालकों की रिपोर्ट जारी की गई है। वहीं फतेहाबाद में शुक्रवार को भी 10 स्थानों पर हरसेक ने फायर लोकेशन भेजी है।
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फतेहाबाद में कृषि विभाग ने दावा किया था कि उनके पास 305 बेलर उपलब्ध हैं, लेकिन यह दावे फेल होते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल कृषि विभाग ने जिले में मात्र 135 स्ट्रा बेलरों की सूची जारी की है, जिससे साफ है कि किसानों को समय पर स्ट्रा बेलर उपलब्ध नहीं हाे पाए हैं और किसान पराली जलाने को अधिक महता दे रहे हैं। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने भी बढ़ती पराली जलाने की घटनाओं को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बाद सुस्ती में पड़ा कृषि विभाग अब जागा है। बढ़ते सरकारी व प्रशासन के उच्चाधिकारियों की लताड़ के बाद अब कृषि विभाग ने बेलर संचालकों की मोबाइल नंबर सहित लिस्ट तो जारी की ही है, साथ ही कुछ स्ट्रॉ बेलर द्वारा कार्य न करने की बजाए दूसरे जिले में कार्य करने वाले स्ट्रॉ बेलर मालिकों से तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगे गए हैं। जैसे ही ये स्ट्रॉ बेलर जिला में वापिस आते हैं उनके भी मोबाइल नंबर व कार्य क्षेत्र की जानकारी सांझा की जाएगी।


शुक्रवार को 10 स्थानों पर आई फायर लोकेशन
फतेहाबाद में शुक्रवार को भी हरसेक ने 10 स्थानों पर फायर लोकेशन भेजी है। इसमें टोहाना क्षेत्र में तीन, जाखल में दो, भूना में दो, रतिया में दो व एक लोकेशन फतेहाबाद से आई है। इसके अलावा अन्य स्रोतों से कृषि विभाग को 25 शिकायतें मिल चुकी हैं। जो लोकेशन आई हैं, उनमें 25 फेक मिली हैं। फेक लोकेशन में 11 स्थान ऐसे हैं, जहां गांव की फिरनियों या घरों में आगजनी के मामले थे। वहीं कृषि विभाग ने अब तक 95 किसानों को दो लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना किया जा चुका है।
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कोट

बेलर संचालक भी किसान ही हैं, इसलिए बेलर चलाने की उचित दर दें ताकि बेलर संचालक पराली प्रबंधन का कार्य कर सकें। इसके साथ ही विभाग ने सुपर सीडर भी अनुदान पर दिए जा रहें हैं, जिसे किसान इन-सीटू प्रबंधन कर सकते हैं। इन सीटू से पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रति एकड़ राशि दी जा रही है।
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अजय सिंह तोमर, उपायुक्त, फतेहाबाद
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