ऐसा ही मामला रविवार शाम नागरिक अस्पताल में देखने को मिला है। एक गर्भवती महिला को बच्चे के जन्म के बाद चिकित्सक न होने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी। आनन-फानन में मृतका के बच्चे को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
जानकारी के अनुसार मनियाना रोड निवासी एक गर्भवती महिला सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने नागरिक अस्पताल लाया। इस दौरान डाक्टरों व महिला स्टाफ नर्स के सहयोग से महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया।
लेकिन बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण तुरंत रेफर कर दिया गया। परिजनों द्वारा टोहाना के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद महिला की मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि उस वक्त अस्पताल में महिला रोग व बाल रोग विशेषज्ञ मौजूद होते तो शायद महिला को बचाया जा सकता था। पिछले काफी समय से नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है।
किसी समय नागरिक अस्पताल में एक माह में चार से पांच सौ तक डिलीवरी होती थी जो अब घटकर सौ तक रह गई है। वो भी पुरानी स्टाफ नर्सों के सहयोग से चल रही है।
23 वर्षीय सीमा कैथल के गांव कौल में शादीशुदा है। डिलीवरी के कारण अपने मायके गांव मनियाना आई थी। महिला की पहली डिलीवरी थी जिसके लिए उसे टोहाना के नागरिक अस्पताल में लाया गया।
क्या कहते है एसएमओ
एसएमओ डॉ सतीश गर्ग ने बताया कि इस बारे में वो पहले कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। डिलीवरी के बाद बच्चा अचानक बीमार पड़ गया था।
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण उसे रेफर करना पड़ा। इस दौरान महिला की अचानक ब्लीडिंग होने के बाद मौत हो गई।