सिटी एसएचओ दिनेश कुमार ने जब इस मामले में आनाकानी की तो अनुयायियों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने पुलिस विभाग के खिलाफ थाने में ही नारेबाजी शुरू कर दी।
इसी दौरान कुछ डेरा प्रेमियों ने सिटी थाने का गेट बंद कर पीसीआर रोकने का भी प्रयास किया। मामला बिगड़ते देख एएसएसपी गंगाराम पूनियां भी सिटी थाने पहुंच गए लेकिन वे भी डेरा प्रेमियों को शाम तक मनाने में नाकाम रहे।
देर शाम अचानक डेरा प्रेमियों ने धरना उठाने का आह्वान कर दिया जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
डेरा प्रेमियों के भंगीदास लक्ष्मण दास अरोड़ा ने आरोप लगाया कि एक चैनल ने कार्यक्रम के दौरान उनके गुरू का अपमान किया है और नशे जैसी चीजें दिखाई गई हैं। जबकि डेरा नशे के खिलाफ है।
इस कारण से जब फतेहाबाद की संगत ने उक्त चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो पुलिस विभाग इसमें तीन दिन से आनाकानी कर रहा है।
वहीं दूसरी ओर सिटी थाने के एसएचओ दिनेश ने तर्क दिया कि विडियो नोएडा से रिलीज हुआ है, इसलिए संबंधित थाने को डेरा अनुयायियों की शिकायत भेज दी गई है।
सिटी एसएचओ की इस बात से डेरा अनुयायी संतुष्ट नहीं हुए और एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। डेरा प्रेमियों का कहना था कि उन्होंने यहां पर टीवी देखा है और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
इसलिए यहां पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। मामला बिगड़ता देख एएसपी और सिटी एसएचओ ने डेरा प्रेमियों के प्रतिनिधि मंडल से बंद दरवाजे के पीछे कई दौर की बातचीत भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला और दोनों पक्ष अपनी अपनी बात पर अड़े रहे।
थाने में ही धरना, शुरू किया लंगर
सिटी थाने में चैनल के खिलाफ केस दर्ज करने से जैसे ही सिटी पुलिस ने इंकार किया, डेरा प्रेमी थाना परिसर में ही धरना देकर बैठ गए।
इस दौरान धरना देने वालों में अनेकों महिलाएं एवं छोटे बच्चे भी शामिल थे। धरने पर बैठे डेरा प्रेमियों के लिए थाना परिसर में लंगर का ही इंतजाम किया गया।
सिटी एसएचओ पर भड़के युवा डेरा अनुयायी
दो दौर की बातचीत के बाद भी जब सिटी पुलिस ने डेरा अनुयायियों की बात नहीं मानी तो थाने में ही मौजूद युवा डेरा प्रेमी भड़क गए और सिटी एसएचओ के कमरे के बाहर ही नारेबाजी करने लगे।
अनुयायियों ने रोड जाम करने की भी धमकी दी। इसके बाद भी सिटी पुलिस द्वारा हाथ खड़े करने पर डेरा अनुयायियों का प्रतिनिधि मंडल वकीलों से इस मामले में राय लेने के लिए गया।
उन्होंने भी वापस आकर यही कहा कि वकील की राय है कि यहां पर भी एफआईआर दर्ज हो सकती है। लेकिन इसी बीच शाम को एसएचओ ने सोमवार तक का समय मांगा कि एडीए से राय के बाद अगर केस बनता हो तो जरूर दर्ज किया जाएगा। लेकिन युवा डेरा प्रेमी नहीं माने और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
11 बजे धरना शुरू, 3 बजे पहुंची महिला पुलिस
शहर थाने में बुधवार को उस समय महिला पुलिस की कमी खली जब डेरा प्रेमी महिलाएं थाने में इकट्ठी होनी शुरू हो गई। लेकिन उन्हें संभालने के लिए महिला पुलिस नहीं थी।
दोपहर तीन बजे के बाद सैकड़ों महिलाओं को संभालने के लिए केवल तीन महिला पुलिस कर्मचारी ही पहुंची।
व्हाट्सएप से मेसेज भेज बुलाया थाने में
सिटी थाने में टीवी चैनल के खिलाफ केस दर्ज न करने पर थाने में पहुंचने के लिए डेरा प्रेमियों को व्हाट्सएप से मेसेज भेजकर बुलाया गया।
देर शाम उठा धरना, पुलिस ने ली राहत की सांस
भंगीदास लक्ष्मणदास ने बताया कि फिलहाल धरना उठा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की तरफ से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला। आगे की रणनीति के बारे में उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डेरा प्रेमियों को सिरसा स्थित डेरा हेड क्वार्टर से धरना उठाने के लिए संदेश आया था। जिसके बाद धरना तुरंत उठा लिया गया और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।