जाखल बठिंडा रेल ट्रैक पर बैठे किसानों की समस्या को लेकर दिल्ली रेल मंडल
के निर्माण विभाग मंडल अभियंता आरके गोयल विभिन्न अधिकारियों के साथ मौके
पर पहुंचे।
किसानों ने उनको अपनी समस्या बताई। करीब दो घंटे तक चली बातचीत
के उपरांत रेलवे अधिकारी गोयल ने लिखित में आश्वासन दिया कि किसानों की
मांग के अनुसार 5 सितंबर से काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने
रेल ट्रैक से धरना उठा लिया ।
वहीं धरना खत्म होने की सूचना तुरंत दिल्ली
कंट्रोल रूम में दी गई। जिसके उपरांत दिल्ली जाखल बठिंडा के मध्य रेल
आवागमन को बहाल कर दिया गया है।
इससे पहले अंडर ब्रिज की मांग पूूरी
नहीं होने पर क्षेत्र के कई गांवों के किसान शुक्रवार से अनिश्चितकालीन
धरने पर बैठे थे। दिल्ली-बठिंडा के बीच रेल आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो
गया था। कई गाड़ियों को जाखल से आगे वाया धूरी-बठिंडा चलाया जा रहा था।
जाखल से पहले कई गाड़ियों को वाया हिसार बठिंडा रवाना किया जा रहा था।
गाड़ियों के जाखल बठिंडा के बीच न चलने और रूट बदलकर जाने के कारण हजारों
यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह थी किसानों की मांग
जाखल
बठिंडा रेल ट्रैक पर स्थित कटार सिंह वाला और कोटफता रेलवे स्टेशनों के
बीच किसानों द्वारा अंडर ब्रिज निकाले जाने की मांग की जा रही है।
भारतीय
किसान यूनियन एकता के डकौंदा ग्रुप के नेतृत्व में दिए जा रहे धरने में
गांव कोटश्मीर, तुंगवाली गांव के सैकड़ों ग्रामीण भी शामिल थे। लोगों की
मांग थी कि रेलवे ट्रैक के नीचे से अंडर पास बनाया जाए। इसकी मांग लंबे समय
से करते आ रहे हैं, लेकिन रेलवे कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस कारण
किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना दिया है।
क्या है स्थिति
रेलवे
ट्रैक जाम होने से दिल्ली से बठिंडा के बीच ट्रेनों का आवागमन बुरी तरह से
प्रभावित हो गया था। शुक्रवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ धरना शनिवार देर शाम
तक जारी रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जाखल रेलवे सुरक्षा बल के जवान
मौके पर डटे रहे।
पुलिस के मुताबिक किसानों ने अड़ियल रवैया अपनाया हुआ
है। किसान अपनी मांगों को पूरा करवाने पर अड़े हैं। रेलवे सुरक्षा बल थाना
प्रभारी जाखल सतपाल मलिक के अनुसार फिलहाल रेलवे ट्रैक पर धरना जारी है।
किसानों से बातचीत जारी है। जैसे ही रेलवे ट्रैक पर से धरना खत्म होगा
ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
जाखल
से बठिंडा के बीच रेल आवागमन ठप होने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों
का सामना करना पड़ा। सैकड़ों यात्रियों को रेलवे स्टेशन से लौटना पड़ा।
इनमें सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ी है। अनेक
यात्रियों को अपने सामान सहित रेलवे स्टेशन पर आकर जब ट्रेनों के जाखल से
आगे बरेटा, बुढलाड़ा, मानसा, मोड़ और बठिंडा न जाने की जानकारी मिली तो
उनको परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकांश लोगों को बसों और निजी वाहनों
का सहारा लेना पड़ा।
वाया धूरी बठिंडा के रास्ते चलाई मेल गाड़ियां
स्टेशन
अधीक्षक सूरजभान शर्मा के अनुसार रेलवे ट्रैक जाम होने के कारण ट्रेनों का
रूट डायवर्ट कर उनको वाया जाखल से धूरी भेजा जा रहा है।
धूरी से गाड़ियां
बठिंडा जाएंगी। खासकर मेल गाड़ियों को इस रास्ते चलाया गया है जबकि दिल्ली
से फिरोजपुर, सिरसा बठिंडा के बीच चलने वाली पैसेंजर गाड़ियों को जाखल लाकर
उनको वापस अगली ट्रेन बनाकर चलाया जा जा रहा है। जाखल से बठिंडा के बीच
कोई भी यात्री अथवा मालगाड़ी नहीं जा रही है।