डीसी, एडीसी व सीटीएम के साथ बैठक करते पर्यावरण विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार।
फतेहाबाद। जिले में पराली जलाने के मामले बढ़ने के बाद पर्यावरण विभाग के निदेशक, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार जायजा लेने के लिए फतेहाबाद पहुंचे। उन्होंने डीसी कार्यालय में डीसी अजय तोमर, एडीसी डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा और सीटीएम सुरेश कुमार के साथ बैठक की।बैठक में निदेशक ने निर्देश दिए कि जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ सख्ती भी बरतें। प्रदीप कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाना जरूरी है। जिले में पराली जलाने की घटनाएं न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ग्राम स्तर पर गठित कमेटियों को सक्रिय रखें और उन्हें लगातार निगरानी के आदेश दें। गांव स्तर पर गठित कमेटियां एक्टिव होंगी तो किसानों में जागरूकता भी आएगी और पराली जलाने की घटनाएं नहीं घटेंगी।
जिन क्षेत्रों में चल रही कटाई, वहां विशेष निगरानी करें
निदेशक ने कहा कि जहां कटाई का कार्य चल रहा है, उस क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जाए। संबंधित एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण भी करें। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान बारे अवगत करवाए। क्षेत्र में पटवारी, ग्राम सचिव को सक्रिय रखे। जन प्रतिनिधि और नंबरदारों को भी पराली प्रबंधन कार्यों में शामिल किया जाए और गांव में किसी प्रकार की कोई घटना होने पर उनसे तुरंत सूचना लें। प्रदीप कुमार ने कहा कि जहां पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आती है तो वहां प्रशासन सख्ती बरतें। पराली जलाने के मामले में जो भी आवश्यक कार्रवाई बनती है, वह की जाए।
कुछ कर्मचारियों को किया गया है निलंबित
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने निदेशक को बताया कि जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए गांव स्तर पर कमेटियां गठित की हुई है। इन कमेटियों को निगरानी के आदेश दिए गए हैं। कुछ कर्मचारियों को लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित किया गया है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने बारे जागरूक किया गया है। कृषि विभाग सहित दूसरे विभागों को पराली प्रबंधन के यंत्रों बारे किसानों को जागरूक करने के लिए लगाया गया है। कृषि विभाग किसानों के साथ तालमेल बना रहा है, जिन्हें कृषि उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें उपलब्ध करवाया जाएगा।