रतिया। गांव महमड़ा के बस स्टैंड स्थित ग्राम पंचायत की भूमि पर बने अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को पुलिस फोर्स न मिलने के कारण स्थगित कर दी गई। कब्जा हटाने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच देवीलाल व पंचायत सदस्य मौके पर पहुंचे थे, जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी हनीश कुमार भी कार्यालय में मौजूद थे।
सरपंच देवीलाल ने बताया कि ग्राम पंचायत महमड़ा की पंचायती भूमि खसरा नंबर 55//4, 5/2 व 43//25 पर कुछ वर्ष पहले 22 लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर दुकानों का निर्माण कर लिया था। इनमें भजन लाल, सतनाम लाल, रमेश चंद, बलजीत सिंह, रेशम सिंह, हरी सिंह, बलबीर सिंह, करतार सिंह, मलकियत सिंह, लाला, दौलत राम, रामचंद, लाभ सिंह, जोगिंद्र सिंह, लख्खा सिंह, कृष्ण लाल, जगमाल, सगन लाल, पुरुषोत्तम सिंह और सुखदेव सिंह आदि शामिल हैं।
दुकानों के निर्माण के बाद इनसे पंचायत को किसी प्रकार का किराया भी नहीं दिया जा रहा था। इस संबंध में ग्राम पंचायत ने एसडीएम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वर्ष 2019 में फैसला पंचायत के पक्ष में आया और अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद 10 अन्य लोगों ने भी दुकानें बना लीं और तीन मकान भी तैयार कर लिए, इनके खिलाफ भी याचिका दायर की गई।
इस मामले में भी पंचायत के पक्ष में निर्णय आया। पिछले कुछ समय से प्रशासन की ओर कब्जा हटाने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। शुक्रवार को भी पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस बल उपलब्ध न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार राजनीतिक कारणों से कार्रवाई टलती आ रही है।
सरपंच देवीलाल ने बताया कि पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकानें बनाई गई हैं और किराया भी नहीं दिया जा रहा। कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस फोर्स न मिलने से कार्रवाई टल गई। वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ हनीश कुमार ने कहा कि पुलिस बल उपलब्ध होते ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।