बैंक के बाहर धरना लगाकर बैठे ग्रामीण।
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गांव बाड़ा के पंजाब एवं सिंध बैंक में कार्यरत कैशियर द्वारा किसान आंदोलन के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने के विरोध में ग्रामीणों ने ब्रांच के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर अपशब्द बोलने वाले कर्मचारी ने माफी नहीं मांगी तो वह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होंगे। हालांकि, रतिया बैंक के मैनेजर ने धरनारत ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
गांव बाड़ा के सरपंच राजवीर, ग्रामीण निर्मल सिंह, लविंदर कौर, तेज कौर, बलजीत कौर, गुरमीत कौर, हरजीत कौर, किरण कौर, अमरजीत कौर, सुखपाल कौर, अमनदीप, गुरदीप सिंह, गुरसेवक सिंह, गुरलाल, वीकर सिंह, बलविंदर, बलवीर, गुरतेज, जगदीश, बीम सिंह, धनवीर, सोनी सिंह और राजू आदि ने बताया कि 23 फरवरी को गांव बाड़ा से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर ट्रॉली पर रतिया महापंचायत में जा रहे थे। इस दौरान गांव के पंजाब एवं सिंध बैंक में कार्यरत कैशियर ने किसान आंदोलन के प्रति ग्रामीणों को आपत्तिजनक शब्द कहे। उसके बाद ग्रामीण एक बार तो महापंचायत में चले गए लेकिन बाद में बैंक प्रबंधकों को चेतावनी दी थी कि उक्त कैशियर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तब बैंक प्रबंधक ने कार्रवाई करने के लिए 1 मार्च तक का समय मांगा था। एक मार्च बीतने के बाद भी कैशियर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जिस कारण ग्रामीणों को बैंक कैशियर के खिलाफ धरना देना पड़ा। ग्रामीणों ने कैशियर व बैंक प्रबंधकों के खिलाफ भी नारेबाजी की। हालांकि धरने की सूचना मिलने के बाद रतिया ब्रांच के मैनेजर नरेश चंद्र धरने पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि बैंक की तरफ से कैशियर का तबादला नरवाना कर दिया गया है मगर ग्रामीण कैशियर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और माफी मांगने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद बैंक मैनेजर वहां से चले गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक बैंक कैशियर माफी नहीं मांगता तब तक ग्रामीण अपना धरना जारी रखेंगे।