फतेहाबाद। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान जिले में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। पात्र किशोरियों और अभिभावकों में फैली भ्रांतियां अभियान की राह में बड़ी बाधा बन रही हैं।
जिले में करीब 7764 किशोरियों को टीका लगाया जाना है। इनमें अब तक लगभग 815 का टीकाकरण हो पाया है। यानी करीब 10 प्रतिशत पात्र किशोरियां ही टीका लगवा सकी हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधा शुरू होने के बावजूद अपेक्षित संख्या में किशोरियां नहीं पहुंच रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 1 मार्च 2025 या उसके बाद 14 वर्ष की आयु पूरी करने और 28 फरवरी 2026 तक 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं करने वाली किशोरियां अभियान के लिए पात्र हैं। टीका पूरी तरह निशुल्क लगाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग जागरूकता बढ़ाने में जुटा
सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि एचपीवी एक सामान्य वायरस है। इसके कुछ प्रकार आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पहुंचकर छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों को जानकारी दे रही हैं। अधिक संख्या वाले स्कूलों में पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों की शंकाएं दूर की जाएंगी।
एक ही खुराक पर्याप्त
पात्र किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन की 0.5 मिलीलीटर की एक खुराक बाजू के ऊपरी हिस्से में दी जाती है। टीकाकरण के बाद करीब 30 मिनट निगरानी में रखा जाता है। हल्का दर्द, बुखार या शरीर में दर्द जैसी सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। टीकाकरण की ऑनलाइन एंट्री यू-विन पोर्टल पर की जाएगी और डिजिटल प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
टीकाकरण से पहले रखें ध्यान
किशोरी को टीका लगवाने से पहले भोजन करवाना जरूरी है। आयु प्रमाण से जुड़ा पहचान पत्र साथ लाना होगा। अभिभावक की निर्धारित सहमति प्रक्रिया, ओटीपी अथवा लिखित सहमति पूरी करनी होगी। जिन किशोरियों को पहले एचपीवी टीका लग चुका है या टीके के किसी घटक से गंभीर एलर्जी रही है, उनका टीकाकरण नहीं किया जाएगा। बीमार किशोरियों को चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही टीका लगेगा।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें
डॉ. बुधराम ने अभिभावकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों और भ्रामक वीडियो पर विश्वास न करने की अपील की। किसी भी शंका के समाधान के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, आशा कार्यकर्ता, एएनएम या चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने को कहा।
एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है। स्वास्थ्य विभाग स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जागरूकता बढ़ा रहा है। अभिभावक अफवाहों पर ध्यान न देकर पात्र किशोरियों का टीकाकरण करवाएं। - डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।