समैन। करीब दस हजार आबादी वाले गांव कन्हड़ी में 120 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सपना देख रहे हैं लेकिन खेल मैदान में पानी, शौचालय, बिजली और खेल सामग्री जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि संसाधनों की कमी उनके बेहतर प्रदर्शन में सबसे बड़ी बाधा बन रही है।
गांव के खिलाड़ी स्कूल के पास खाली पड़ी पंचायती भूमि पर नियमित अभ्यास करते हैं। मैदान में पीने के पानी, शौचालय और बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। खेल सामग्री भी खिलाड़ी अपने खर्च पर खरीदते हैं। उनका कहना है कि खेल विभाग से अब तक किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली।
खिलाड़ी आर्यन, रमन, सुशील, विक्रम, चिराग, अंकुश, नोनी, मानव, अमित और अजय ने बताया कि पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने से अभ्यास प्रभावित होता है। इसी वजह से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपेक्षित प्रदर्शन करना कठिन हो जाता है। खिलाड़ियों ने सरकार और खेल विभाग से गांव में आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि बेहतर सुविधाएं मिलने पर गांव के खिलाड़ी राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
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गांव में खिलाड़ियों के लिए खेल स्टेडियम नहीं है। खेल मैदान में पीने का पानी, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। खिलाड़ी पंचायती भूमि पर अभ्यास कर रहे हैं और संसाधन खुद या ग्राम पंचायत की मदद से जुटाए जा रहे हैं। इससे प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है और खिलाड़ियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- दलबीर सिंह, खेल कोच।
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खिलाड़ियों को खेल विभाग से कोई विशेष सहायता नहीं मिल रही है। मैदान में पानी, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव है। खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बीच अभ्यास कर रहे हैं जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है। प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग है कि खिलाडि़यों को खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए ताकि वे सही से अभ्यास कर सकें।
- - कुलदीप सिंह, कबड्डी कोच।
गांव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है लेकिन सुविधाओं की कमी के चलते उनके विकास में बाधा बन रही है। खेल स्टेडियम और बुनियादी संसाधन मिलने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं। वर्तमान में वे अपने स्तर पर ही खेलों की तैयारी कर रहे हैं और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
- नोनू, एथलीट।
गांव के खिलाड़ी अपने खर्च और मेहनत के सहारे खेलों का अभ्यास कर रहे हैं। मैदान में पानी, शौचालय और बिजली जैसी सुविधाएं नहीं हैं जिससे उनको रोजाना प्रशिक्षण में दिक्कत आती है। संसाधनों की कमी के कारण खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने में कठिनाई होती है। प्रशासन को इस ओर ध्याना देना चाहिए।
- अजय, एथलीट खिलाड़ी।
ग्राम पंचायत अपने स्तर पर खिलाड़ियों की मदद कर रही है और विकास से जुड़े प्रस्ताव संबंधित विभागों को भेजे जा चुके हैं लेकिन मंजूरी में देरी के कारण सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी हैं। इससे खिलाड़ियों को बेहतर माहौल नहीं मिल पा रहा है। खिलाडि़यों को अगर बेहतर सुविधाएं मिले तो वे अच्छे से अभ्यास कर सकते हैं।
- प्रदीप सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, कन्हड़ी।