फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल लगातार खुल रही है। अस्पताल का नेत्र विभाग बिजली की समस्या के बीच अंधेरे में काम करने को मजबूर है। दूसरी तरफ ब्लड कलेक्शन सेंटर पिछले 11 माह से अव्यवस्था का शिकार है। हेल्पलाइन सेवा बंद पड़ी है और ओपीडी के कई कमरों के बाहर पहचान पट्ट नहीं होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है।
शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि नेत्र विभाग में बिजली का लोड अधिक होने से बार-बार कट लगते हैं। बिजली जाते ही जांच और उपचार में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं जिससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। ब्लड कलेक्शन सेंटर भी पिछले 11 माह से ब्लड बैंक में संचालित हो रहा है। सीमित स्थान होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है और धक्कामुक्की जैसी स्थिति बन जाती है।
अस्पताल के पूछताछ केंद्र पर हेल्पलाइन नंबर तक प्रदर्शित नहीं हैं। 01667-226024 नंबर पिछले 11 माह से केवल घंटी बजाता है लेकिन किसी की ओर से कॉल रिसीव नहीं की जाती। इससे मरीजों और उनके परिजनों को जरूरी जानकारी नहीं मिल पाती।
ओपीडी के अधिकांश कमरों के बाहर चिकित्सकों और विभागों के पहचान पट्ट भी नहीं लगे हैं। इससे पहली बार आने वाले मरीज सही कक्ष तलाशने में परेशान होते हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 1250 से 1500 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं लेकिन मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी उनके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
जच्चा-बच्चा वार्ड में धीमी गति से काम
अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड में मरम्मत कार्य के चलते 10 दिन पहले पहली मंजिल पर ही कंगारू मदर केयर यूनिट और ओपीडी कक्षों में बेड लगाए गए हैं लेकिन जगह के अभाव में बाहर गैलरी में बेड लगाए गए है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों ही परेशान है। वार्ड का कार्य धीमी गति से चलने के कारण शुरू होने में अभी दो सप्ताह का समय और लग सकता है।
ब्लड बैंक में कलेक्शन सेंटर, मरीज परेशान
अस्पताल में मरम्मत कार्य के चलते करीब 11 माह से ब्लड कलेक्शन सेंटर ब्लड बैंक में चल रहा है। शुक्रवार को यहां पर धक्का-मुक्की के हालात रहे। सैंपल देने और रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं आयुष्मान भारत योजना की शाखा भी डायलिसिस केंद्र में चल रही है।
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ये हैं मुख्य समस्याएं
- नेत्र विभाग में पर्याप्त रोशनी का अभाव।
- ब्लड कलेक्शन सेंटर में 11 माह से अव्यवस्था।
- पूछताछ केंद्र पर हेल्पलाइन नंबर और डॉक्टरों की जानकारी नहीं।
- ओपीडी कमरों के बाहर स्पष्ट पहचान पट्ट नहीं।
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नागरिक अस्पताल में बिजली संबंधित काम लगभग पूार हो चुका है। बिजली के बार-बार कट लगने की समस्या मीडिया से ही पता लगी है अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई सूचना नहीं है। 250 किलोवाट का जनरेटर भी आ चुका है।
- रविकांत, जेई, लोक निर्माण विभाग
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अस्पताल में केबल बिछाने के कारण दिक्कत आ रही है। दूसरा पूछताछ केंद्र के नंबर बंद होने का मामला अभी संज्ञान में आया है। इसे शुरू करवाया जाएगा।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन