अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। शहर के भीमा बस्ती स्थित डेंटल क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर सील कर दिया। जिस महिला डाक्टर के नाम यह क्लीनिक चल रहा है, उसके पास बीडीएस की डिग्री है। लेकिन अस्पताल का मालिक आरएमपी डाक्टर विशु है और उसने बीडीएस चिकित्सक डा. मोनिका भठेजा को दस हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा था। इसकी एवज में महिला चिकित्सक सप्ताह में दो दिन के लिए उसके अस्पताल पर आती थी और अपनी डिग्री की एक प्रति उसने अस्पताल में ही छोड़ रखी थी।
शहर के ही एक युवक ने विभाग को शिकायत देकर उसकी पत्नी का गलत इलाज करने और डाक्टर के पास डिग्री नहीं होने के आरोप लगाए थे। इसी आधार पर वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सीएमओ डाक्टर गिरीश व डा. कुलदीप गौरी के नेतृत्व में डा. विशु दांतों के क्लीनिक पर छाप मारकर आरएमपी डाक्टर को इलाज करते हुए रंगे हाथों काबू किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर सीएमओ डा. मुनीष बंसल को सौंप दी था जहां से रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के डीजी को भेजा जाएगा। वहीं फर्जी डाक्टर को शहर थाना पुलिस ने हिरासत में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ एवं विशेष टीम के इंचार्ज डा. गिरीश ने बताया कि उन्हें शहर के राहुल मेहता ने शिकायत देकर आरोप लगाए थे कि उक्त डाक्टर ने उसकी पत्नी के दांत का गलत इलाज किया है तथा पैसे ऐंठ लिए हैं। आरोप था कि उक्त डाक्टर के पास कोई डिग्री नहीं है तथा व किसी महिला डाक्टर के नाम पर क्लीनिक चलाता है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर वीरवार को क्लीनिक पर छापा मारकर आरएमपी विशु को एक मरीज का इलाज करते हुए पकड़ा गया है। जब उससे डिग्री मांगी गई तो वह कोई डिग्री नहीं दिखा पाया। वहीं जिस महिला डाक्टर के नाम पर वह क्लीनिक चल रहा था वह डा. मोनिका सिरसा की रहने वाली है। बाद में स्वास्थ्य विभाग की पूछताछ में महिला डाक्टर ने बताया कि उक्त आरएमपी उसे 10 हजार रुपये प्रति महीना देता है तथा वह एक सप्ताह में दो दिन क्लीनिक पर आती थी। डा. गिरीश ने बताया कि क्लीनिक में किसी प्रकार की प्रतिबंधित दवाई बरामद नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि क्लीनिक को सील कर फर्जी डाक्टर विशु, महिला डाक्टर मोनिका व शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौेंप दी गई है, जहां से आगामी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट को विभाग के डीजी को सौंपा भेजा जाएगा।