अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
शहर की एक युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद भड़के लोगों द्वारा आरोपी डा. जिम्मी जिंदल का मुंह काला कर और उसके कपड़े फाड़कर उसका भरे बाजार जलूस निकालने के दौरान कोई कार्रवाई नहीं करने वाले एसपीओ सुभाष को पुलिस कप्तान कुलदीप यादव ने बर्खास्त कर दिया है। एसपीओ (विशेष पुलिसकर्मी) पर आरोप था कि जिस समय डा. जिम्मी जिंदल के अस्पताल पर भीड़ ने हमला किया, उस समय और उसके बाद डा. जिंदल से बदसलूकी के समय भी एसपीओ सुभाष ने भीड़ को न तो रोकने का प्रयास किया और न ही उसने इस घटना की सूचना पीसीआर को दी। बस स्टैंड चौकी प्रभारी कश्मीर सिंह ने बताया कि इस संदर्भ में बीती रात एसपी कार्यालय से आदेश आए थे जिसे सुभाष को सौंप दिए गए और उन्हें ड्यूटी से रिलीव कर दिया गया है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों बीडीएस की छात्रा से रेप का मामला सामने आने के बाद भड़की भीड़ ने डा. जिम्मी जिंदल को उसके क्लिनिक से पकड़कर लाल बत्ती चौक से होते हुए सिटी थाने तक पकड़ कर लेकर आए थे। इस दौरान भीड़ ने डा. जिम्मी जिंदल से मारपीट भी की थी। इस दौरान फव्वारा चौक पर कुछ लोगों ने आरोपी डा. जिम्मी जिंदल के कपड़े तक फाड़ दिए थे। इस दौरान बर्खास्त एसपीओ सुभाष जलूस के साथ चुपचाप चलता रहा और उसने कार्रवाई नहीं की। बाद में आरोपी चिकित्सक डा. जिम्मी जिंदल की पत्नी डा. सिया जिंदल की शिकायत पर शहर पुलिस ने आठ आरोपियों को नामजद करते हुए मामला दर्ज किया था।
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29एफटीबीपी21 : दो दिन पहले फतेहाबाद के बाजार में भीड़ द्वारा आरोपी डा. जिम्मी जिंदल को पकड़ कर ले जाते समय चुपचाप साथ चल रहा एसपीओ, जिसे एसपी ने बर्खास्त कर दिया।