फतेहाबाद। अनाज मंडियों में फसल की खरीद आनलाइन करने व फसल का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से न करने के विरोध में सोमवार को जिलेभर की अनाज मंडियों में काम काज ठप्प रहा। आढ़तियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। इस दौरान आढ़तियों ने खरीद फरोख्त नहीं की और हड़ताल पर रहे। फतेहाबाद व टोहाना की मंडी में आई नरमे की ढेरियों को वापस लौटा दिया गया, जबकि भट्टू व फतेहाबाद में ग्वार की खरीद भी नहीं हो सकी।
अनाजमंडी व्यापार मंडल के सचिव रमेश तनेजा ने बताया कि सरकार द्वारा अनाज की खरीद आनलाइन करने व फसल का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से न करने का निर्णय सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि धान की कई प्रकार की वेरायटी होती है, जिसके दाम काफी कम ज्यादा होते हैं। ऐसे में धान की आनलाइन खरीद करने से पता नहीं लगेगा की यह धान कौन सी वेरायटी का है। उन्होंने बताया कि मंडियों में लगभग लाखों व्यापारी अनाज के व्यापार से जुड़े हुए हैं, अनाज की आनलाइन खरीद होने व फसल का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से ना होने से हरियाणा की मंडियां बंद होने के कगार पर आ जाएंगी। तनेजा ने कहा कि किसान व व्यापारी का चोली दामन का साथ है और दोनों वर्ग मिल जुलकर सदियों से खरीद फरोख्त का काम कर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनाज लेन-देन में जब किसान, व्यापारी व मिलरों को कोई दिक्कत नहीं है, तो हरियाणा सरकार को अनाज की खरीद और उसका भुगतान पहले की तरह करने रहना देना चाहिए। ताकि किसान, व्यापारी व मिलरों को किसी प्रकार की दिक्कत ना आए।
उधर, टोहाना की अनाजमंडी में आनलाइन खरीद के विरोध में कच्चा आढ़ती एसोसिएशन ने रेलवे रोड स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में पहुंचकर धरना दिया तथा सरकार के विरोध में जोरदार नारेबाजी करते हुए फैसला वापस लेने की मांग की। इस धरने की अध्यक्षता मंडी प्रधान तरसेम बंसल ने की। प्रधान तरसेम बंसल ने बताया कि ये हड़ताल उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर 8 सितंबर तक उनकी मांग नही मानी तो वे प्रदेशव्यापी हड़ताल करने से पीछे नही हटेंगे। इस अवसर पर नरेश जैन, लक्ष्मण बांसल, अजय गोयल सहित अनेक व्यापारी उपस्थित थे।
रतिया में भी अनाजमंडी के व्यापारी हड़ताल पर रहे। व्यापार मंडल की एक बैठक मंडल प्रधान रमेश गर्ग पप्पू की अगुवाई में उनके कार्यालय में हुई व बैठक में व्यापारियों की ओर से सरकार की उक्त नीतियों के खिलाफ रोष जताया। व्यापार मंडल महासचिव शिव सोनी ने बताया की सोमवार को किसी भी व्यापारी ने न तो स्टाक किया हुआ माल बेचा और न ही खरीद की। इसी प्रकार भट्टू, भूना व जाखलमंडी में भी सोमवार को आढ़ती पूर्णतया हड़ताल पर रहे और खरीद फरोख्त नहीं की।