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Fatehabad News: 50 संवेदनशील गांवों और शहर के वार्डों में नशा रोकेगी 9 सदस्यीय कमेटी

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फतेहाबाद का नशा मुक्ति केंद्र।
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फतेहाबाद। नशा रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नशे के कारण जिले में क्राइम बढ़ रहा है। पुलिस विभाग के स्टेट एक्शन प्लान में नशे की चपेट में 50 संवेदनशील गांवों और शहर के वार्डों को लिया गया है। यहां पर नशा रोकने के लिए पुलिस विभाग वीएमटी (विलेज मिशन टीम) और डब्ल्यूएमटी (वार्ड मिशन टीम) बनाने जा रहा है।
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इस टीम में पुलिस विभाग 9 सदस्यों को शामिल करेगा। जिसमें पटवारी, एएनएम, आशा वर्कर, प्रिंसिपल, पूर्व सर्विस मैन, सरपंच, ग्राम सचिव और बीट इंचार्ज, महिला सदस्य शामिल होंगी। ये सदस्य गांव में नशा लेने वाले युवक और युवती को चिह्नित करेंगे। इसके बाद उसका उपचार करवाएंगे। गांव में नशा सप्लाई करने वाले तस्कर की सूचना कमेटी पुलिस को देगी। इसके अलावा नशा छुड़वाने के बाद युवक और युवती पर निगरानी भी रखेंगे। पुलिस विभाग ने पहले जिले के 16 गांव गोद लिए थे। जिसमें से गांव अयाल्की और भरपूर को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। पुलिस विभाग जिले के प्रत्येक गांव और वार्ड में कमेटी बनाएगा। हालांकि पहले संवेदनशील गांवों और वार्डों में ये कमेटी बनाई जाएगी। स्टेट एक्शन प्लान में उन गांवों और वार्ड को चुना गया है जहां पर सबसे ज्यादा लोग नशे की चपेट में हैं और तस्करी हो रही है। संवाद

ये गांव पुलिस विभाग ने लिए थे गोद
अयाल्की, हिजरावां कलां, भरपूर, रत्ताखेड़ा, लाली, नकटा, पिलछियां, रत्तनगढ़, बाह्मणवाला, महमड़ा, खुनन, हिजरावां खुर्द,
अहलीसदर, किरढ़ान, दरियापुर और फूलां।
मनोचिकित्सक के पास पिछले तीन सालों में नशा छोड़ने के लिए ये पहुंचे मरीज
वर्ष ओपीडी में आए दाखिल हुए
2020-21 3279 18
2021-22 1473 193
2022-23 2635 379
तीन साल में साढ़े सात हजार मरीज उपचार लेने पहुंचे
पिछले तीन सालों में नशा मुक्ति केंद्र में 7387 मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचे हैं। इसमें से 590 मरीज नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल हुए है। इसमें महिलाएं भी शामिल है जो कि नशे की चपेट में आ चुकी है।
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हेरोइन और चूरापोस्त की सबसे ज्यादा तस्करी
जिले में हेरोइन और चूरापोस्त की सबसे ज्यादा तस्करी हो रही है। तस्कर दिल्ली से हेरोइन लाकर जिले में सप्लाई कर रहे हैं। इसके अलावा राजस्थान से चूरापोस्त की यहां पर सप्लाई हो रही है। नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों की काउंसिलिंग के दौरान सबसे ज्यादा हेरोइन और चूरापोस्त नशे के मरीज सबसे ज्यादा उपचार लेने पहुंचे हैं।
कोट
नशे को जड़ से खत्म करने के लिए स्टेट एक्शन प्लान के तहत गांवों में कमेटियां बनाई जा रही हैं। पहले संवेदनशील गांव चिह्नित किए गए है वहां पर कमेटियां बनेंगी। इसके बाद अन्य गांव और वार्डों में कमेटी गठित की जाएंगी।
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-सुभाष चंद्र, डीएसपी, फतेहाबाद।
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