फतेहाबाद। हरियाणा सरकार की सुपर-100 योजना की प्रवेश परीक्षा मंगलवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुई। जिले से आवेदन करने वाले 124 विद्यार्थियों में से 82 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।
इस बार योजना में सीटों की संख्या 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है जिससे अधिक मेधावी विद्यार्थियों को चयन का अवसर मिलेगा। परीक्षा दोपहर 12 बजे शुरू हुई। सभी अभ्यर्थियों की पहचान की जांच के बाद उन्हें परीक्षा कक्षों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा पूरी पारदर्शिता और अनुशासित व्यवस्था के साथ संपन्न हुई। निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा करीब डेढ़ घंटे चली। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाओं की निगरानी की। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र से बाहर निकले।
निशुल्क कराई जाती है जेईई-नीट की तैयारी
सुपर 100 हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत सरकारी विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई, नीट तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क उच्चस्तरीय कोचिंग, अध्ययन सामग्री, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देकर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता दिलाना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
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जिले के 26 विद्यार्थियों का हो चुका है चयन
सुपर 100 की सीटें बढ़ने के बाद जिले में दूसरी बार परीक्षा का आयोजन किया गया है। पिछले चरण में जिले के 26 विद्यार्थियों ने सुपर 100 में चयन हो चुका है। इसके अलावा 6 विद्यार्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। शिक्षा विभाग ने विश्वास जताया कि अतिरिक्त सीटों का लाभ जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगा और इस बार पहले से अधिक चयन होने की संभावना है। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
मंगलवार को सुपर 100 परीक्षा का आयोजन किया गया है। जिसमें कुल 124 बच्चों में से 82 बच्चों ने परीक्षा दी है। मुख्यालय की ओर से कुरुक्षेत्र के गांव बारना में बने संस्थान में 400 से बढ़ाकर 500 सीटें कर दी गई है। जिसको लेकर परीक्षा का आयोजन किया गया है।
- मुकेश मेहता, जिला विज्ञान विशेषज्ञ शिक्षा विभाग।