अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। रतिया के टोहाना रोड पर स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत से परिजन बिफर गए। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही बरतने और बदतमीजी करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया। मामले की सूचना पाकर रतिया थाना प्रभारी व पुलिस मौके पर पहुंच गई। उन्होंने लोगों को शांत करवाया। पुलिस ने महिला के पिता की शिकायत पर चिकित्सक व अन्य के खिलाफ मारपीट करने, लापरवाही बरतकर हत्या करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। वहीं महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा भेजा गया है। आरोपी चिकित्सक अपने साथी सहित फरार हो गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर अस्पताल को बंद कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमनप्रीत कौर (29) पुत्री तारा सिंह निवासी गांव नंगल टोहाना के गांव चंदड़ में बंसीलाल से विवाहित थी। उसे एक 5 साल का बेटा भी है। शनिवार को वह अपने मायके गांव नंगल एक समारोह में भाग लेने आई थी। बताया गया है कि रात को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसके पिता उसे उपचार के लिए रतिया के टोहाना रोड पर स्थित सिंह अस्पताल में ले आए। अस्पताल में इलाज के दौरान अमनप्रीत कौर की मौत हो गई। इस बात को लेकर उसके परिजनों में रोष फैल गया और उन्होंने अस्पताल में हंगामा मचा दिया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल के केबिन के शीशे, मरीजों को जांचने का सामान, ब्लड प्रेशर जांच मशीन, कुर्सियां तथा एलसीडी को तोड़ दिया। इस दौरान चिकित्सक आरके सिंह अपने साथी सहित कार से निकल गया।
मामले की सूचना पाकर रतिया सदर थाना प्रभारी कपिल सिहाग मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत किया। मौके पर मौजूद अमनप्रीत कौर के पिता तारा सिंह व जेठ राजाराम ने बताया कि अमनप्रीत कौर को उल्टियां आने लगी थी। इसको लेकर वह उसे सिंह अस्पताल में शाम को लेकर आए थे। यहां पर बैठे चिकित्सक आरके सिंह ने अमनप्रीत को केबिन में बुलाकर जांच शुरू की तो उसकी हालत और बिगड़ गई। इस पर चिकित्सक ने उसे इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई और कुछ ही पल बाद अमनप्रीत कौर ने दम तोड़ दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब डॉक्टर से इस संबंध में बात की गई तो वह गुंडागर्दी पर उतर आया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और उसके स्टाफ ने मिलकर हमारे साथ झगड़ा किया और धक्का-मुक्की की। इसके बाद चिकित्सक अपने साथी के साथ कार में सवार होकर मौके से भाग गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अमनप्रीत कौर को चिकित्सक ने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिस कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने मांग की कि आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। रविवार को अस्पताल के बाहर भी परिजनों ने एक बार फिर प्रदर्शन किया व आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार करने की मांग की।
अग्रोहा में हुआ पोस्टमार्टम
पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में भिजवा दिया। मामला गंभीर होने के चलते महिला के शव को अग्रोहा मेडिकल में चिकित्सकों के पैनल से करवाने के लिए भेजा गया है। सदर थाना प्रभारी कपिल सिहाग ने बताया कि अस्पताल में महिला की मौत को लेकर परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक महिला के परिजनों के बयान पर अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल महिला का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जो भी कानूनी कार्रवाई आगे बनती होगी वह की जाएगी। एहतियात के तौर पर अस्पताल को बंद किया गया है। चिकित्सक की तलाश की जा रही है।
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चिकित्सक ने आरोपों को बताया निराधार
जब इस बारे में डॉक्टर आरके सिंह से बात की गई तो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि अमनदीप नामक महिला इलाज के लिए आई थी। मुझे प्रथम दृष्टि में जहरीले पदार्थ का मामला लगा था, लेकिन परिजन स्पष्ट नहीं बता रहे थे। जिस पर मैंने परिजनों को महिला के इलाज के लिए फतेहाबाद ले जाने को कहा था, लेकिन परिजन बोले कि इतनी रात को हम फतेहाबाद नहीं जा सकते, आप यहीं पर इलाज करो। मैंने इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती।