सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राइमरी और मिडल कक्षाओं के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग ने 72 दिनों से मिड डे मील नहीं दिया है। ये ही नहीं वीटा की तरफ से स्कूलों में आने वाला फ्लेवर दूध फरवरी माह से ही नसीब नहीं हुआ है। विद्यार्थियों को मिड डे मील देने के लिए शिक्षा विभाग निदेशालय ने ढाई माह बाद भी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। हालात ये हैं कि स्कूलों से डिमांड तक नहीं मांगी गई है। कहीं स्कूलों में मिड डे मील राशन खत्म हो चुका है तो कहीं रखा हुआ खराब हो रहा है।
शिक्षा विभाग निदेशालय की मिड डे मील को लेकर जारी होने वाली गाइडलाइन का जिले के 74 हजार विद्यार्थी इंतजार कर रहे हैं। क्यों कि लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद है और विद्यार्थियों तक सूखा राशन पहुंचाने के लिए शिक्षा विभाग निदेशालय गाइडलाइन जारी करता है, जो कि अभी तक जारी नहीं हुई है। स्कूल शिक्षकों की मानें तो विद्यार्थियों तक 21 अप्रैल तक का मिड डे मील पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा जनवरी माह के बाद फ्लेवर दूध भी विद्यार्थियों को नहीं दिया गया है। संवाद
जिले में स्कूल और विद्यार्थियों की स्थिति
मिडल स्कूल : 86
विद्यार्थी : 29674
प्राइमरी स्कूल : 384
विद्यार्थी : 44269
100 से 150 ग्राम राशन देता है शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग की तरफ से प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को 100 ग्राम तथा मिडल कक्षा के विद्यार्थियों को 150 ग्राम राशन देता है। इसमें 55 फीसदी चावल तथा 45 फीसदी गेहूं दिया जाता है। इसके अलावा 20 ग्राम के हिसाब से विद्यार्थियों को फ्लेवर दूध शिक्षा विभाग देता है। ये ही नहीं शिक्षा विभाग प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों का 4 रुपये 97 पैसे के हिसाब से कुकिंग खर्च भी जारी करता है।
फरवरी से कुक को वेतन तक नहीं मिला
जिले में 384 प्राइमरी और 86 मिडल स्कूल है। मिड डे मील तैयार करने के लिए स्कूलों में कुक तैनात किए गए हैं। इन्हें शिक्षा विभाग की तरफ से 3500 रुपये वेतन दिया जाता है। फरवरी माह से कुक को भी मानदेय जारी नहीं हुआ है।
कोट
विद्यार्थियों को 22 अप्रैल से मिड डे मील जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा न ही कुकिंग लागत दी गई है। कई स्कूलों में राशन नहीं है और कई जगह राशन है लेकिन गाइडलाइन न आने के कारण बांटा नहीं जा रहा है। शिक्षा विभाग निदेशालय को गाइडलाइन जारी करनी चाहिए ताकि समय रहते मिड डे मील विद्यार्थियों को मिल सके।
- विकास टुटेजा, शिक्षक।
कोट
शिक्षा विभाग ने करीब ढाई माह से विद्यार्थियों को मिड डे मील जारी नहीं किया है। जिस लक्ष्य से ये योजना शुरू की गई थी उसे पूरा नहीं किया जा रहा है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी और इसका प्रभाव बच्चों पर ज्यादा रहेगा। फिर भी मिड डे मील न देकर स्कूली बच्चों के साथ अन्याय किया जा रहा है। शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द मिड डे मील जारी करना चाहिए।
- देवेंद्र दहिया, चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
कोट
मिड डे मील को लेकर निदेशालय से अभी कोई आदेश नहीं आए है। पहले जो आदेश आए थे उसके मुताबिक मिड डे मील विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा चुका है। निदेशालय से जैसे ही आदेश आएंगे मिड डे मील बांटना शुरू कर दिया जाएगा।
- अनीता सिंगला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।