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नोटिस के बावजूद नहीं डिगा हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों का हौंसला, आज ज्वाइन नहीं किया तो 224 होंगे बर्खास्त

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नोटिस के बावजूद हड़ताल पर अड़े एनएचएम कर्मी आज ड्यूटी पर नहीं लौटे तो 224 होंगे बर्खास्त
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। कर्मियों को पक्का करने सहित कई मांगों को पूरी करवाने के लिए धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए बर्खास्तगी के नोटिस भी हड़ताली कर्मचारियों को उनके इरादों से नहीं डिगा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई धमकी के बावजूद एनएचएम कर्मचारी न केवल धरने पर बैठे रहे बल्कि सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी जारी रखी। उधर स्वास्थ्य विभाग ने एक औपचारिक पत्र भेजकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को शनिवार सुबह तक का समय दिया है। शनिवार सुबह अपनी ड्यूटी ज्वाइन न करने वाले एनएचएम कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाएगा। इस बीच शुक्रवार को एनएचएम कर्मचारियों के धरने को समर्थन देने के लिए रोडवेज कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल धरनास्थल पर पहुंचा और उनके इस आंदोलन में बढ़चढ़कर साथ देने का ऐलान किया। एनएचएम कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रोडवेज यूनियन के प्रधान शिव कुमार ने कहा कि सरकार जानबूझकर एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार दावा करती है कि प्रदेश के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी, लेकिन जिन कर्मचारियों के सहारे सरकार का दावा पूरा हो सकता है, उन्हीं कर्मचारियों के हितों पर सरकार लगातार कुठाराघात कर रही है।
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224 कर्मियों को भेजे गए हैं बर्खास्तगी के नोटिस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 फरवरी को भेजे गए पत्र में 224 एनएचएम कर्मचारियों की सूची है। सिविल सर्जन द्वारा जारी इस पत्र में कहा गया है कि उनके सेवा नियमों में साफ तौर पर कहा है कि लगातार सात दिन तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर उनकी सेवाएं बिना नोटिस दिए समाप्त की जा सकती हैं। धरने पर बैठे कर्मचारी इस समय सीमा को लांघ चुके हैं। अगर शनिवार सुबह दस बजे तक वो अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटते तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
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ये है कर्मियों की मुख्य मांगें
1. जिन कर्मियों को सेवा लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी दिया जाए।
2. नियमित कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
3. आऊटसोर्सिंग को बंद किया जाए।
4. सेवा नियम में संशोधन सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी की सिफारिश अनुसार हों।
5. वेतन आयोग का लाभ तुरंत दिया जाए।
कोट्स
सिविल सर्जन कार्यालय से हड़ताल पर चल रहे 224 एनएचएम कर्मचारियों को उनके सेवा नियमों के बारे में बताते हुए चेतावनी पत्र जारी किया गया है। अगर शनिवार सुबह तक वो ड्यूटी पर नहीं लौटते तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवाओं से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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