अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। रतिया उपमंडल के गांव शेखुपुर सोतर में बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ता के घर पर निगम के एएलएम ने साज-बाज होकर नया मीटर लगा दिया। जबकि डिफाल्टर उपभोक्ता के 98 हजार रुपये निगम को देने बकाया थे। मामले की भनक कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह को लगी तो उन्होंने मौके पर जाकर मामले की जांच की। जांच के बाद कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह ने एएलएम जसबीर सिंह को निलंबित कर दिया है। एएलएम की ड्यूटी रतिया सब-अर्बन कार्यालय में थी। निलंबन अवधि के दौरान भट्टू एसडीओ के कार्यालय में हाजिरी देेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रतिया के गांव शेखुपुर दड़ोली में हरभजन सिंह के घर में बिजली का मीटर लगा हुआ था। कई सालों से उसका बिजली बिल बकाया चला आ रहा था। करीब एक वर्ष पूर्व रतिया के बिजली निगम अधिकारियों ने हरभजन के घर मीटर उखाड़ दिया और बिजली की सप्लाई बंद कर दी। हरभजन ने निगम के जेई व एएलएम जसबीर सिंह के साथ मिलीभगत करके गगनदीप सिंह के नाम से रतिया अर्बन कार्यालय में नई फाइल जमा करवा दी। जिसमें नया मीटर लगाने का आवेदन दिया गया। फाइल संबंधित जेई के पास पहुंची तो उन्होंने एएलएम से रिपोर्ट मांगी। गांव के एएलएम जसबीर ने डिफाल्टर उपभोक्ता की रिपोर्ट सही बनाकर जेई को दे दी। इस मामले में जेई ने भी साजबाज होकर एएलएम को गगनदीप के नाम से नया मीटर लगाने की अनुमति दे दी। इसके बाद किसी ने इसकी शिकायत कार्यकारी अभियंता को कर दी कि डिफाल्टर उपभोक्ता के घर निगम बिना बिल वसूले ही नया मीटर लगा रहा है। शिकायत मिलने पर कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि उपभोक्ता डिफाल्टर है और उसके घर नया मीटर लगा हुआ है। कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह ने मौके पर ही एएलएम जसबीर सिंह को निलंबित कर दिया और उसका मुख्यालय भट्टू एसडीओ दफ्तर कर दिया गया जहां उसे प्रतिदिन हाजिरी भरनी होगी। विभाग ने निलंबन पत्र में एएलएम के विरूद्ध 7.2 नियम के तहत कार्यवाही का नोटिस भी दिया है। पता चला है कि विभाग की सेटलमेंट स्कीम के तहत कई कर्मचारी इस योजना को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। रिपोर्ट के बाद जेई भी शक के दायरे में आ गए हैं। अब फतेहाबाद आपरेशन डिवीजन के तहत इस प्रकार के मामलों के लिए विभाग और सख्ती के मूड में आ गया है।