फतेहाबाद। चिटफंड कंपनियों के गोलमाल के बीच खुफिया विभाग की एक रिपोर्ट ने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों की नींद उड़ा दी है। खुफिया विभाग ने पुलिस कप्तान को भेजी एक विशेष रिपोर्ट में दावा किया है कि फतेहाबाद जिले के लोगों के तकरीबन 225 करोड़ रुपये चिटफंड कंपनियों में फंसे हुए हैं। इसमें अकेले फ्यूचर मेकर कंपनी में ही 185 करोड़ से अधिक की रकम फंसी होने का दावा रिपोर्ट में किया गया है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
ट्रेडमार्ट, मिंट में भी करोड़ों रुपये का निवेश का इनपुट
खुफिया विभाग की रिपोर्ट में फ्यूचर मेकर के अलावा ट्रेडमार्ट, मिंट एवोल्यूशन एवं वीडीएसटी का भी जिक्र है। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों में भी निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे होने का अंदेशा है। सोमवार को ही ट्रेडमार्ट व मिंट के उच्चाधिकारियों के खिलाफ शहर पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। इतना ही नहीं, ये भी बताया गया है कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट में बाकायदा कुछ बड़े निवेशकों के नाम-पत्ते भी उच्चाधिकारियों को भेजे गए हैं। सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कुछ बड़े निवेशकों से चिटफंड कंपनियों के बारे में पूछताछ करने की भी तैयारी कर रही है। इसकी भनक लगते ही निवेशकों में भी हड़कंप की स्थिति है।
सोमवार को जारी होना था पे-आऊट, हिसार कार्यालय की ओर भागे अनेक निवेशक
फ्यूचर मेकर कंपनी की ओर से प्रत्येक सोमवार को निवेशकों की आईडी के अनुसार पे-आऊट जारी होता था। लेकिन पिछले एक सप्ताह में पुलिस व अन्य विभागों द्वारा फ्यूचर मेकर के खिलाफ की गई कार्रवाई के बावजूद निवेशकों को उम्मीद थी कि सोमवार को कंपनी की ओर से पे-आऊट जारी होगा। लेकिन सोमवार को पे-आऊट जारी नहीं होने के कारण निवेशकों में भी पैसा डूबने की आशंका ने घर कर लिया है। मंगलवार को जिले से अनेक लोगों ने फ्यूचर-मेकर कंपनी के कार्यालय के बाहर जाकर जानकारी लेने का प्रयास भी किया, लेकिन अभी तक उन्हें किसी प्रकार की ना तो कोई जानकारी मिली है और ना ही ये बताया गया है कि उनका निवेश सुरक्षित है।
एसपी बोले, सीआईडी नहीं करती उन्हें रिपोर्ट
खुफिया विभाग की ताजा रिपोर्ट ने जिले के आला पुलिस अधिकारियों के पैरों तले की जमीन खिसका दी है। लेकिन इसके बावजूद पुलिस कप्तान सहित जिले के सभी आला अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने ये कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि सीआईडी की किसी रिपोर्ट के बारे में वो नहीं बता सकते। सीआईडी कर्मचारी उन्हें नहीं बल्कि अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को ही रिपोर्ट करते हैं।