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12 नए चालकों व परिचालकों ने नहीं किया ज्वाइन, पिछले दो दिन से 100 से कम चल रही बसें, जीएम बोले तकनीकी समस्या के चलते हो रही परेश

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। हड़ताल के 16वें दिन जिले से केवल 80 बसें ही चलीं। जिले में बसों की नाइट सेवा शुरू तो हुई है लेकिन अभी केवल 6 बसें ही चल रही है। वहीं बीते दिन जयपुर भेजी गई बस से कम राजस्व आने के बाद बंद कर दी गई है। वहीं सालासर के लिए भी बुधवार को बस सेवा शुरू कर दी गई है। विभाग ने जिले में आऊटसोर्सिंग पॉलिसी-1 के तहत जिले में 114 चालक व 110 परिचालक भर्ती किए हुए हैं। इस पर जब जीएम रोडवेज शंभू राठी से बात कि गई तो उन्होंने कहा कि रोडवेज सौ बसें चलाने के लिए 140 चालक व इतने ही पचिालकों की आवश्यकता होती है। वहीं उन्होंने कहा कि जो भर्ती की गई थी। उसमें से कुल 12 लोगों ने ज्वाइन ही नहीं किया हैं, जिस कारण से 80 बसें ही चल पा रही हैं। वहीं उन्होंने कहा कि रोटा तैयार करने वाले साफ्टवेयर की दिक्कत के कारण भी कम बसें चल रही हैं।
रोडवेज के कर्मचारियों का रोटा एचएमआरएस (ह्युमन रिर्सोस मेनेजमेंट सिस्टम) साफ्टवेयर से तैयार होता है। इस सॉ टवेयर में रोडवेज के चालकों व परिचालकों के नाम व रूट डाल दिए जाते हैं। इसके बाद सॉ टवेयर अपने आप ड्यूटियां चालकों व परिचालकों की ड्यूटियां तय होती हैं। जीएम शंभू राठी ने कहा कि वो नए चालकों व परिचालकों के नाम उक्त साफ्टवेयर में नही डाल सकते। इसलिए पिछले दिनों से कागजों पर ही रूट बनाए जा रहे हैं जिस कारण रूट तैयार करने में भारी समस्या आ रही थी। बसों के कम चलने का यह भी एक मुख्य कारण है।
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जीएम ने खुद तैयार की ड्यूटियां लगाने के लिए आधुनिक स्क्रिप्ट, अब नहीं आएगी दिक्कत
विशेष बातचीत में जीएम शंभू राठी ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर मैनेजमेंट का 10 साल का अनुभव है। उन्होंने खुद चालकों व परिचालकों की ड्यूटियां लगाने के लिए स्क्रिप्ट तैयार की है जो वीरवार से काम करना शुरू कर देगी। इसके बाद ड्यूटियां लगाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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