अमर उजाला ब्यूरो
जाखल।
धुंध के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों का आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। यात्रियों को देरी से चल रही ट्रेनों के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नांदेड़ साहिब से चलकर अमृतसर जाने वाली नांदेड़ एक्सप्रेस शुक्रवार शाम 5 बजे आने की बजाय शनिवार सुबह 8 बजे आएगी। वहीं शुक्रवार को फिरोजपुर से चलकर मुंबई सेंट्रल तक जाने वाली पंजाब मेल एक्सप्रेस ट्रेन जाखल में अपने निर्धारित समय रात 1 बजे की बजाय 12 घंटों की देरी के साथ दोपहर 1 बजे पहुंची।
लंबी दूरी की रेलगाड़ियां 3 से 18 घंटों की देरी से पहुंच रही हैं। हालांकि पैसेंजर ट्रेनों पर कोहरे का ज्यादा असर नहीं है व लगभग सभी अपने निर्धारित समय से कुछ समय की देरी के साथ पहुंच रही हैं लेकिन लंबी दूरी की गाड़ियां घंटों देरी के साथ चलने के कारण रेल यात्रियों को भारी मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। कोहरे को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली से फिरोजपुर रूट की दो पैसेंजर ट्रेनों को जहां 15 फरवरी तक रद्द कर रखा है वहीं श्रीगंगानगर से हावड़ा तक जाने वाली उद्यान आभा तूफान मेल को भी कोहरे के कारण आगरा तक ही चलाया जा रहा है। ट्रेनों के देरी से चलने पर यात्रियों के पास कोई विकल्प भी नहीं है लेकिन ज्यादातर यात्री इस समय ट्रेनों का ट्रैक स्टेटस जानकर ही घर से बाहर निकलना बेहतर समझ रहे हैं।
नांदेड़ से चलकर अमृतसर जाने वाली नांदेड़ एक्सप्रेस शाम को 5 बजे आनी थी जो 18 घंटो की देरी से चल रही है। यह ट्रेन अब अगले दिन यानि शनिवार को सुबह 8 बजे पहुंचने की संभावना है। रेलवे स्टेशन पूछताछ केंद्र पर दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को श्रीगंगानगर से चलकर दिल्ली जाने वाली दैनिक इंटरसिटी एक्सप्रेस 4 घंटे, फिरोजपुर से चलकर मुंबई सेंट्रल जाने वाली जनता एक्सप्रेस 3 घंटे, जम्मुतवी से चलकर चेन्नई जाने वाली नवयुग एक्सप्रेस 3 घंटो की देरी से पहुंची। इसी तरह आगरा से चलकर श्रीगंगानगर जाने वाली उद्यान आभा तूफान मेल एक्सप्रेस 6 घंटे, चेन्नई से जम्मु जाने वाली जम्मू तवी एक्सप्रेस 7 घंटो की देरी से चलती दर्शाई गई। यही नहीं जाखल में शाम को साढ़े 4 बजे पहुंचने वाली दिल्ली श्रीगंगानगर दैनिक इंटरसिटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगातार 12वें दिन भी 10 घंटों की देरी से चल रही है। ट्रेनों के देरी से चलने की सूचना पूछताछ केंद्र के साथ साथ रेलवे के टोल फ्री नंबर 139 पर भी दी जा रही है।
दुर्घटना न हो इसके लिए गति की जाती है कम
स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा ने कहा कि सर्दी के मौसम में रेलवे ट्रैक के सिकुड़ने की वजह से भी ट्रेनों की गति कम रखी जाती है। गति में कमी होने के कारण ही ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से पहुंच रही है। जबकि पैसेंजर गाड़ियां लगभग समय पर ही आ रही है। धुंध एवं कोहरे के समय सिग्नल दिखाई न पड़ने के कारण ट्रेन के ड्राईवर को गाड़ी की गति में कमी करनी पड़ती है।