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जिले में कहीं भी नहीं दिखी डेरा सच्चा सौदा की कोई गतिविधि, घरों में ही रहे अनुयायी

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जिले में कहीं भी नहीं दिखी डेरा सच्चा सौदा की कोई गतिविधि, घरों में ही रहे अनुयायी
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद फतेहाबाद जिले में डेरा अनुयायियों की कोई गतिविधि नजर नहीं आई। डेरा प्रमुख पर फैसला आने से एक दिन पहले ही डेरे की सीनियर वाइस चेयरमैन शोभा इंसा ने ट्वीट कर लोगों से आह्वान किया था कि वो किसी प्रकार की कोई हिंसक गतिविधि में शामिल ना हों और अपने घरों में बैठकर ही सिमरन करें। डेरा मुख्यालय से ये आदेश आने के बाद हुआ भी कमोबेश कुछ ऐसा ही। साल 2017 में पंचकूला हिंसा के बाद फतेहाबाद के टोहाना में भी हिंसा हुई थी। उस समय नगर परिषद कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। लेकिन इस बार ऐसी कोई हिंसक गतिविधि जिले में कहीं नहीं होने से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। उधर कोर्ट के फैसले के बावजूद डेरा लोकल कमेटी के प्रतिनिधियों ने हमेशा डेरा सच्चा सौदा के साथ ही रहने की बात कही है।
दूसरी ओर संभावित फैसले से पहले ही डेरा अनुयायियों ने भी शहर में अपनी सभी गतिविधियां जिनमें सत्संग, विशेष 24 घंटे वाला सिमरन आदि बंद कर दिए थे। डेरा मुख्यालय से इस संदर्भ में 5 जनवरी को मैसेज आया था और छह जनवरी से ही पूरे जिले में नाम चर्चा व विशेष सिमरन बंद कर दिए गए। इतना ही नहीं, सिरसा रोड़ स्थित डेरा संगत घर में भी छह जनवरी के बाद ही सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का-दुक्का बार डेरा कमेटी के लोकल पदाधिकारी जरूर संभाल करने के लिए डेरा संगत घर में गए थे, लेकिन आम संगत को फिलहाल संगत घर ना जाने का आदेश दिया गया था।
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डेरा प्रमुख पर कोर्ट के फैसले के संदर्भ में हमें कुछ नहीं कहना। लेकिन इतना जरूर है कि इससे डेरा सच्चा सौदा के प्रति हमारा ना तो विश्वास कम होगा और ना ही प्यार । मरते दम तक डेरा के साथ जुड़े रहेंगे।
- लक्ष्मण इंसा, भंगीदास, फतेहाबाद ।
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