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सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के लिए आगे आए शिक्षक

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों के शिक्षक स्वयं भी सच्चे गुरु का कर्तव्य निभाते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही मिसाल पेश किया है फतेहाबाद के गांव धिड़ स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में कार्यरत शिक्षकों ने। राजकीय प्राथमिक पाठशाला धिड़ में कार्यरत चारों शिक्षकों ने अपने वेतन में से 10-10 हजार रुपये का चेक हेड टीचर के अकाउंट में जमा करवाया है।
मुख्य शिक्षक सेवा सिंह ने बताया कि यह राशि स्कूल सुंदरीकरण और शिक्षा में नवाचार लाने में सहायक होगी। इस राशि को स्कूल में शिक्षण सहायक सामग्री, स्मार्ट क्लास रूम और बच्चों की अन्य सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। इन शिक्षकों ने कहा कि उनका एक ही उद्देश्य है अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठा भावना और स्कूल व बच्चों के प्रति समर्पण भावना। अध्यापक अशोक कुमार गोदारा, रामनिवास जांगड़ा, सतीश सैनी ने बताया कि मुख्य शिक्षक सेवा सिंह मुवाल की स्कूल के प्रति सेवा व समर्पण की भावना से प्रेरित होकर ये कदम उठाया है।
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उन्होंने प्रण किया है कि वे अपनी तनख्वाह में से 5 प्रतिशत भाग स्कूल में बच्चों के लिए खर्च करेंगे। उनका प्रयास हर क्षेत्र में धिड़ स्कूल के बच्चों को सक्षम बनाना है। शिक्षकों की इस पहल की सराहना करते हुए गांव के सरपंच प्रतिनिधि पवन कुमार ने कहा कि तीन-चार महीने पहले इस स्कूल में कुछ नहीं था। स्कूल में कोई पेड़-पौधा नहीं था और भवन को काफी समय से रंगरोगन भी नहीं हुआ था। अब थोड़े ही समय में स्कूल को हरा-भरा कर बच्चों को शिक्षा के लिए बेहतरीन माहौल उपलब्ध करवाया गया है। यह सब इन मेहनती अध्यापकों की वजह से ही संभव हो पाया है। अन्य अध्यापकों को भी इन अध्यापकों से प्रेरणा लेकर बच्चों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा देने के लिए प्रयास करने चाहिए। पंचायत की तरफ से भी उन्होंने स्कूल स्टाफ को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इन अध्यापकों द्वारा रविवार को अवकाश के दिन भी स्कूल में विशेष कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
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