सिरसा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जिलेभर के सरकारी कार्यालयों में तैनात क्लर्क काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए। इस कारण सरकारी कार्यालयों में पहुंची हुई आमजन से जुड़ीं शिकायतें व सरकारी काम कीं फाइलें आगे नहीं बढ़ पाई। कई विभागों में चतुर्थ श्रेणी व आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को लगाकर काम चलाना पड़ा, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलेभर के सरकारी कार्यालयों में करीब 550 क्लर्क कार्यरत हैं। इनमें से 500 से अधिक क्लर्क बुधवार को कार्य छोड़कर हड़ताल पर रहे। लिपिकीय वर्ग ने 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये वेतन किए जाने की मांग उठाई । लिपिकीय वर्ग ने दिनभर लघु सचिवालय के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। क्लर्कों द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण विभागों, विश्वविद्यालयों, निगम व बोर्डों सहित अन्य कार्यालयों में कर्मचारियों की सीटें खाली मिलीं। हालांकि, कई कार्यालयों में सीधे तौर पर पब्लिक डीलिंग क्लर्क के साथ न होने के चलते वहां पर लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ी। रिकॉर्ड रखने, मुख्यालय से आने वालीं फाइलों, मेल व अधिकारियों के ऑर्डर जारी करने संबंधित काम प्रभावित रहे।
दिव्यांगों की पेंशन के लिए बनाने के लिए लगा शिविर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने दी ड्यटी
नागरिक अस्पताल में हर बुधवार को दिव्यांगों की पेंशन बनाने को लेकर मेडिकल शिविर लगाया जाता है। यहां पर एक स्थायी क्लर्क को ड्यूटी लगाई गई है, जो मरीजों के दस्तावेजों के रिकॉर्ड को तैयार करता है। क्लर्क के हड़ताल पर होने के कारण यहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लगाया गया और रिकाॅर्ड तैयार करवाया गया। सामान्य मेडिकल तैयार करवाने के लिए स्थायी क्लर्क के बजाय आउटसोर्सिंग कर्मचारी को तैनात किया गया।
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें नहीं हुई जमा, त्रुटियां दूर करने का काम भी रुका
नगर परिषद के सभी क्लर्क हड़ताल पर होने के कारण यहां भी दिनभर काम प्रभावित रहा। नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां दूर करवाने के लिए हर रोज 50 से 60 लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं। बुधवार को हड़ताल के चलते प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें जमा नहीं हो पाईं और त्रुटियां दूर करने का काम भी रुक गया। शिकायतकर्ताओं खाली हाथ लौटना पड़ा। इसके अलावा शादी प्रमाण पत्र बनवाने, डोमिसाइल बनवाने का काम भी प्रभातिव रहा।
मांग पूर न होने तक जारी रहेगी हड़ताल
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान गौरव बजाज ने बताया कि एसोसिएशन की सिर्फ एक ही मांग है कि लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किया जाए। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे धरने व प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांग को नजरंदाज कर रही है। एसोसिएशन प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुकी है, लेकिन सरकार बातचीत तक नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तक तक वे अनिश्चिकालीन हड़ताल पर रहेंगे। इस मौके पर उपप्रधान प्रमोद ढिल्लो, महासचिव सज्जन गोदारा, मीडिया प्रभारी साहिल मेहता, साहिल बागड़ी, चुन्नी राम, अमित बंसल, प्रमोद, राजेश भुक्कल, प्रभु गोदारा, दिलेल सिंह, हर्ष बेनीवाल उपस्थित रहे।