अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिला पार्षदों के घूसकांड ने पूरे जिले की राजनीति में सनसनी पैदा कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा फतेहाबाद में सोमवार सुबह ही फतेहाबाद में रच दी गई थी। दरअसल कृष्ण नांगली द्वारा शिकायत देने के बाद स्टेट विजिलेंस की टीम ने फतेहाबाद डीसी डा. जेके आभीर को मामले की सूचना दी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की। इस पर डीसी डा. आभीर ने तहसीलदार छेलूराम जाखड़ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। इतना ही नहीं, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त होने के बाद फतेहाबाद सचिवालय में ही बकायदा एक बैठक कर इस बात की प्लानिंग की गई कि आखिर रेड किस तरह से डाली जाएगी। क्योंकि दो पार्षदों से अलग-अलग जगह मुलाकात तय थी। ऐसे में दो टीमें बनाई गई। इसमें से एक टीम ने हिसार बस स्टैंड के पास से पार्षद मंदीप कौर गिल व उनके पति को गिरफ्तार किया जबकि दूसरी टीम ने हिसार-दिल्ली रोड पर होटल चांद-सितारा पर छापेमारी की। इसके बाद हिसार के स्टेट विजिलेंस कार्यालय में ही चारों गिरफ्तार लोगों को रखा गया और तकरीबन चार घंटे की लंबी कागजी कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद जिला पार्षदों के फोन भी आपस में घनघनाने लगे, लेकिन अधिकतर जिप पार्षदों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।