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किसान हित में वर्तमान सरकार का एक और बड़ा फैसला :बराला

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गेहूं सहित छह फसलों का एमएसपी बढ़ाकर सरकार ने किया वादा पूरा : बराला
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान हित में गेहूं सहित छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी किए जाने का एलान किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 105 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इसी प्रकार से जौ के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के एमएसपी में 225 रुपये प्रति क्विंटल, चने के एमएसपी में 220 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों के एमएसपी में 22 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया है।
सुभाष बराला ने केंद्र सरकार द्वारा किसान हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं तथा पार्टी के अन्य नेता तत्कालीन सरकारों के खिलाफ किसानहितों के लिए आंदोलन करते थे तब कांग्रेस व अन्य दल उनका मजाक उड़ाते थे। किसी को भी भाजपा द्वारा किए गए वादों पर यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार ने अपने गठन के बाद अपने एक-एक वादे को पूरा किया।
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केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान हितैषी सोच के परिणाम स्वरूप किसानों को अभी तक 3 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा उनकी खराब फसलों के लिए दिया गया है। अपनी दूरगामी सोच के परिणाम स्वरूप केंद्र सरकार ने फसल बीमा योजना जैसी ऐतिहासिक योजना को देश में लागू किया। इसके अतिरिक्त मंडियों में फसलों व सब्जियों के दाम निर्धारित मूल्य से कम मिलने पर किसान के नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाती है। पिछले ही दिनों सरकार द्वारा विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को उनकी लागत से डेढ़ गुणा किए जाने का ऐलान किया गया था। अब किसानों के खाद बीज के लिए पुलिस थानों में लाइन नहीं लगानी पड़ती। इस प्रकार से वर्तमान सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किसान हित में निर्णय लिए है।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आम जनता को सरकार की इस भावना को समझना चाहिए और सत्ता हथियाने की बाट जोह रहे विपक्षी दलों के झांसे में आने से बचना चाहिए।
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