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पराली जलाने पर सरपंच सस्पैंड हो सकता है तो चार बार प्रदेश जलाने पर सीएम क्यों नहीं : दीपेंद्र

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
रोहतक के कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सीएम मनोहर लाल पर पराली मामले में सरकारी आदेशों को लेकर प्रदेश के सीएम मनोहर लाल पर बड़ा हमला बोला है। सांसद हुड्डा ने कहा कि पराली जलाने पर अगर गांव का सरपंच सस्पेंड हो सकता है तो चार बार प्रदेश को जलाने पर प्रदेश का मुख्यमंत्री सस्पेंड क्यों नहीं हो सकता। सांसद दीपेंद्र हुड्डा रविवार को भट्टू की अनाजमंडी में पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा द्वारा आयोजित युवा किसान-दलित स्वाभिमान सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सांसद सुनील जाखड़, पूर्व मंत्री संपत सिंह सहित अनेक नेताओं ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा भट्टू अड्डे से लेकर सम्मेलन स्थल ट्रैक्टर चलाकर आए। उनके साथ ट्रैक्टर पर कार्यक्रम के आयोजक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा भी थे। किसान नेता बाना राम ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा व सुनील जाखड़ को हल भेंट किया।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने तीन साल के शासनकाल के दौरान हरियाणा प्रदेश को चार बार प्रदेश को जलवाया और पांच साल के इनेलो के शासन के दौरान किसानों पर गोलियां चलवाई। हमारे दस साल के शासनकाल के दौरान शांति का माहौल रहा व हरियाणा प्रदेश विकास की दृष्टि में नंबर एक प्रदेश बना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान बिजली के 1600 करोड़ स्पये के बकाया बिल माफ किए गए व केंद्र सरकार द्वारा 72 हजार करोड़ के किसानों के किसानों के कर्ज माफ किए गए। उन्होंने सीएम मनोहर लाल से सवाल किया कि वो बताएं कि भाजपा की सरकार के समय में क्या किसी एक भी किसान का कर्ज माफ किया गया।
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पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के तीन साल के शासन काल के दौरान 36 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। लगभग हर 45 मिनट में एक किसान मर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की मन की बात 45 मिनट तक चलती है और इतने समय में एक किसान कर्जे के बोझ के नीचे आत्महत्या कर लेता है। लेकिन प्रधानमंत्री इस विषय पर एक मिनट भी नहीं बोलते। सम्मेलन के बाद पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ से जब पत्रकारों ने एसवाईएल के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर डालते हुए कहा कि ये प्रधानमंत्री का इम्तिहान है। जाखड़ ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि एसवाईएल का पानी कितना है। इसके बाद वो आगे बढ़ गए।
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सम्मेलन के संयोजक पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने कहा कि अगर हरियाणा को बचाना है तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लाना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के तीन साल के शासनकाल के दौरान सरपंच, कर्मचारी, दुकानदार व व्यापारी सभी दुखी है। इससे पूर्व इस सम्मेलन को पूर्व मंत्री संपत सिंह, परमवीर सिंह, विनोद भ्याणा, राम भज टोडर, पूर्व विधायक जरनैल सिंह, भरत सिंह बैनीवाल, गुलबहार सिंह एडवोकेट, उषा दहिया, अजीत माचरा, अरविन्द शर्माव डा0 मुखत्यार सिह ने भी संबोधति किया। इस अवसर पर सरपंच बंसी लाल, पाला राम गोयल, अजीत माजरा, उग्रसैन बाना, आनंदवीर सिंह गिल्लांखेड़ा, पाला राम गोयल, रवि सरपंच खाबडा, हरजंत सिंह, सुनील गर्ग, इन्द्र सिंह सिंवर, देवी लाल साहू, भूप माजरा, सुरेंद्र भांभू, रामस्वरूप माजरा, राधेश्याम नाई, रामेश्वार सोनी, भरत सिंह माजरा, रामेश्वर भादू, होशियार सिंह व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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