अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
यमुनानगर के एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल की बर्बर हत्या के विरोध में मंगलवार को शहर के स्कूलों के लिए रखा गया पूर्ण बंद स्कूल संचालकों में आपसी खींचतान और गुटबाजी के कारण सफल नहीं हो पाया। पूर्ण बंद के ऐलान के बावजूद फतेहाबाद के साथ लगते इलाकों के निजी स्कूलों में अवकाश नहीं किया गया और बाकायदा कक्षाएं लगाई गई। दोपहर होते होते ये मामला गर्म हो गया और सहमति न बनने से आहत जिला प्राइवेट स्कूल संघ के जिलाध्यक्ष ओपी बिश्रोई ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। हालांकि उन्होंने ये कहा कि वे खुद निजी तौर पर स्कूल बंद करने के पक्ष में नहीं थे लेकिन संघ के फैसले के बाद सभी स्कूल संचालकों को एकजुटता दिखानी चाहिए थी। उन्होंने पूरी कार्यकारिणी को भी भंग करने की बात कही और जल्द ही बैठक कर नई कार्यकारिणी के चुनाव करवाने का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर मंगलवार को रतिया और टोहाना के निजी स्कूल संचालकों ने पूर्ण बंद पर एकजुटता दिखाई और स्कूल बंद रखे।
दरअसल एक दिन पहले हुई स्कूल संचालकों की बैठक में प्रिंसिपल छाबड़ा की हत्या की सीबीआई जांच व सेफ्टी एक्ट लागू करने की मांग पर स्कूलों में अवकाश रखने का फैसला किया गया था। इस बैठक में भी कुछ स्कूल संचालकों ने अवकाश का विरोध किया था। उनका तर्क था कि जब आरोपी छात्र और उसका पिता काबू किया जा चुका है और हत्या के 13 दिन बंद बुलाने का कोई तर्क नहीं बनता। लेकिन अधिकतर सदस्यों ने बंद का समर्थन कर दिया। जिसके बाद स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी गई। लेकिन मंगलवार सुबह कई निजी स्कूलों ने बंद की कॉल के बावजूद स्कूल खुले रखे। हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि जिला प्राइवेट स्कूल संघ उन स्कूलों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्यवाही करेगा जिन स्कूलों ने बंद के ऐलान के बावजूद स्कूल खोला है। मंगलवार सांय तक स्कूल संचालकों में आपसी गुटबाजी सामने आती तो दिखी लेकिन इसके बावजूद किसी भी स्कूल संचालक ने इस मुद्दे पर खुलकर बात करने से परहेज ही बेहतर समझा।
वर्जन
हम चाहते हैं कि सभी निजी स्कूल संचालक एकजुट रहें ताकि परेशानियों का मिलकर सामना किया जा सके। पूर्ण बंद का ऐलान संघ की ओर से किया गया था लेकिन कुछ लोगों ने नहीं माना। सहमति न होने के कारण मैंने अपना पद छोड़ा है। जल्द ही नई कार्यकारिणी का चुनाव करवाया जाएगा।
- ओपी बिश्रोई, जिलाध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल संघ, फतेहाबाद।