अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
शहर को स्ट्रे कैटल फ्री करने के जिला प्रशासन के दावों पर शहर के ही कुछ पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। वो भी इस अभियान का नेतृत्व करने वाले एडीसी डॉ. जेके अभीर की बैठक में उनके ही सामने। दरअसल बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन की यात्रा के स्वागत के संदर्भ में बुलाई गई। बैठक में नंदीशाला को आर्थिक मदद का मसला उठा तो एडीसी ने बैठक में मौजूद कई पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों से उनके वार्ड में पर्चियां कटवाकर नंदीशाला की मदद करने को कहा तो बैठक में मौजूद पार्षद वीरेंद्र एडवोकेट, पार्षद प्रतिनिधि दीपू टुटेजा, डॉ. रणजीत ओड, महेश मक्कड़ और मनोहर लाल नारंग कूका ने स्ट्रे कैटल फ्री करने के दावे पर सवाल खड़े कर दिए।
सभी पार्षदों ने एकसुर में कहा कि उनके वार्ड में अभी तक लावारिस सांड घूम रहे हैं तो वो किस तरह से वार्डवासियों से सहयोग लेकर नंदीशाला में पहुंचाएं। पार्षद प्रतिनिधि दीपू टुटेजा ने आक्रामक होकर कहा कि उनके वार्ड की लावारिस सांडों की समस्या वो नगर परिषद के अधिकारियों को बता चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं करता। जिस पर बाकी पार्षदों ने उनके सुर में सुर मिलाया तो एडीसी डॉ. जेके अभीर ने उन्हें कहा कि लावारिस सांडों की समस्या काफी हद तक कम हो चुकी है। किसी-किसी गली में इक्का-दुक्का सांड हो सकता है। क्योंकि कई बार ग्रामीण बाहर से लावारिस सांड शहर की सीमा में छोड़ देते हैं। उन्होंने पार्षदों व पार्षद प्रतिनिधियों से भी सवाल किया कि उन्होंने अपने-अपने वार्ड से आवारा पशुओं से मुक्त करने के लिए क्या प्रयास किए। पार्षदों का भी फर्ज बनता है कि उनके वार्ड में लावारिस सांड हैं तो उनको पकड़वा कर नंदीशाला में पहुंचाया जाए।
इसके बाद पार्षदों ने नगर परिषद में उनकी सुनवाई नहीं होने का दुखड़ा भी एडीसी के सामने रोया। पार्षद प्रतिनिधि दीपू टुटेजा ने कहा कि उनके वार्ड की दो गलियां तीन माह से टूटी हुई हैं, जिसमें से गुजरा भी नहीं जा सकता लेकिन उन गलियों के टेंडर नहीं हो रहे हैं। पार्षद वीरेंद्र एडवोकेट ने भी वार्ड में विकास कार्य नहीं होने की बात कही। पार्षद प्रतिनिधि महेश मक्कड़ ने भी उनके वार्ड के साथ विकास में भेदभाव की बात एडीसी के सामने रखी।
वार्ड 4 के पार्षद वीरेंद्र एडवोकेट ने बताया कि एडीसी के साथ पार्षदों की बैठक में नंदीशाला को मदद के सवाल पर कई पार्षदों ने उनके वार्ड में लावारिस सांडों की समस्या अभी तक होने व विकास कार्य न होने की बात एडीसी के सामने रखी थी। एडीसी साहब ने भी पार्षदों से लावारिस सांडों को वार्ड से नंदीशाला तक पहुंचाने की बात कही।
स्ट्रे कैटल फ्री शहर पर पार्षदों ने जताया ऐतराज
नंदीशाला की पर्ची कटवाने में जताई असमर्थता
एडीसी ने दिए थे नंदीशाला की मदद के लिए पर्ची कटवाने के निर्देश
पार्षद बोले, अभी तक घूमते हैं लावारिस सांड
एडीसी ने दी सीख, बोले, आपका भी फर्ज है कि लावारिस सांड हैं तो पहुंचाओ नंदीशाला
13एफटीबीपी35 : फतेहाबाद में बीघड़ रोड़ पर कूड़ेदान के कचरे में मुंह मारता लावारिस सांड।