जिला में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने और इसके संदिग्ध व प्रभावित व्यक्तियों को क्वारंटीन करने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाना जरूरी है। जिलाधीश रविप्रकाश गुप्ता ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड बनाने और उनमें कोविड-19 के संदिग्ध व प्रभावित व्यक्तियों को रखने के लिए निजी अस्पतालों के भवन उपयुक्त हैं। जिलाधीश ने शक्तियों का प्रयोग करते हुए निजी अस्पतालों की कम से कम 25 प्रतिशत बिस्तर क्षमता कोविड-19 के संदिग्ध व प्रभावित व्यक्तियों को रखने के लिए अधिग्रहित किया है।
जिलाधीश रविप्रकाश गुप्ता ने इन निजी अस्पतालों के मालिकों को उपरोक्त उद्देश्य के लिए इन भवनों को तैयार रखने के निर्देश दिए है और कहा कि वे इन भवनों को जरूरत पड़ने पर संबंधित उपमंडलाधीश एवं सिविल सर्जन को सौंपे। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने और इसके संदिग्ध व्यक्तियों को आइसोलेशन वार्ड में रखने के लिए मांग अनुसार निर्धारित 25 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाया जा सकता है।
इन निजी अस्पतालों को किया चिह्नित : जिलाधीश रविप्रकाश गुप्ता ने फतेहाबाद के श्री बालाजी चिल्ड्रन अस्पताल, चौहान चिल्ड्रन अस्पताल, पटियाला चिल्ड्रन एंड मैटरनिटी होम, जयपुर चिल्ड्रन अस्पताल, संदूजा ईएनटी एंड मैटरनिटी अस्पताल, सिवाच सर्जिकल एंड मैटरनिटी अस्पताल, वधवा अस्पताल, समीर चिल्ड्रन अस्पताल, बंसल अस्पताल एंड हर्ट केयर सेंटर, बतरा चिल्ड्रन एंड मैटरनिटी अस्पताल, दहिया नर्सिंग होम, सिंगला अस्पताल, संजीवनी मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर, सद्भावना अस्पताल, वरदान अस्पताल, पंजाबी सभा अस्पताल, रतिया के प्राइवेट मिगलानी अस्पताल, टोहाना में आरएमसी अस्पताल, दिल्ली मेडिकल सेंटर, अरोड़ा अस्पताल, शालिन नर्सिंग होम, लांबा चाइल्ड केयर, खन्ना ईएनटी, कक्कड़ नर्सिंग होम, एचएमएस मिशन अस्पताल, गोयल चाइल्ड केयर सेंटर, मानव सेवा संगम अस्पताल, भाटिया नर्सिंग होम, भाटिया नर्सिंग होम मेडिकल एनक्लेव, पारूल अस्पताल, अजय अस्पताल, संतयोग अस्पताल तथा जैन समाधि अस्पताल में 25 प्रतिशत भवन रिजर्व करने के आदेश दिए है।