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नागरिक अस्पताल में मिलेंगी 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, बिजली सप्लाई नहीं होगी बाधित

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फतेहाबाद। जिले में दीपों का पर्व दीपावली पारंपरिक एवं हर्षोल्लास के साथ सोमवार को मनाया जाएगा। इसके लिए जिलावासियों ने भी पूरी तैयारियां की हैं। आपातकालीन सुविधाओं के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते रोडवेज के चालकों को फौरी तौर पर तैनात किया गया है। वहीं नागरिक अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। दिवाली के दिन बिजली आपूर्ति के लिए बिजली निगम ने भी पूरी तैयारी कर ली है।
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देश के सबसे बड़े त्योहारों में शुमार दिवाली पर्व को लेकर इस बार लोगों को काफी उत्साह देखा जा रहा है। घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों, सरकारी इमारतों और चौक-चौराहों पर विशेष सजावट की गई है। इस शुभ दिन प्रतिष्ठानों और घरों में मां लक्ष्मी और गणेश की आराधना करके सुख समृद्धि की कामना की जाएगी। पूजा-अर्चना के बाद आतिशबाजी का जमकर मजा लिया जाएगा। देर रात तक लोग दिवाली के जश्न में डूबे रहेंगे।
रोडवेज कर्मचारियों को किया अग्निशमन विभाग में तैनात
फतेहाबाद में इस समय नगर परिषद के कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। उनके साथ अग्निशमन के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में आगजनी की किसी भी घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने रोडवेज विभाग के बस चालकों को तैनात किया है।
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40 से 50 फीसदी कम प्रदूषण करते हैं ग्रीन पटाखे
सरकार ने इस बार सामान्य पटाखों के प्रयोग पर पूरी तरह से बैन लगाया है, क्योंकि इससे पर्यावरण प्रदूषण अधिक होता है। वहीं सामान्य पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखे जलाने पर 40 से 50 फीसदी तक कम हानिकारक गैस पैदा होती है। साथ ही ध्वनि प्रदूषण भी कम होता है। यह पटाखे राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान की खोज है और इन पटाखों को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा परमिटेड किया जाता है। इस बार ग्रीन पटाखों की जमकर खरीदारी हुई है।
पटाखों से हवा संबंधी बढ़ते हैं रोग
आतिशबाजी से हवा में कार्बन डाईऑक्साइड, फासफोरस, कार्बन मोनोऑक्साइड सहित अन्य केमिकल फैलेंगे। आतिशबाजी के कारण हवा में जहरीले केमिकल मिलने से ब्रोंकाइटिस (खांसी), एलर्जी रिनटिक (नाक संबंधी एलर्जी), क्रानिक अबस्ट्रटिव (हवा संबंधी रोग) बढ़ते हैं। हरियाली के अभाव में शहरी इलाकों में इसका प्रभाव अधिक रहेगा। इसमें अस्थमा का अटैक होने की आशंका बढ़ जाती है।
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-डॉ. मनीष टुटेजा, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
पटाखों से नुकसान के लक्षण व बचाव
लक्षण
एलर्जी होने पर नाक से पानी बहन।
खांसी न रुकना।
थोड़ा चलने पर सांस का फूल जाना।
बुखार की शिकायत होना।
शरीर के कई हिस्सों में दर्द रहना।
बचाव
पटाखे चलाने से परहेज करें।
अगर चलाने हैं तो थोड़े और खुले स्थान पर चलाएं।
चलाते समय मुंह पर मास्क या कपड़ा बांध लें।
अपनी देखरेख में ही बच्चों को पटाखे चलाने दें।
पानी और रेत को पास रखकर ही पटाखे चलाएं।
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