फतेहाबाद। विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों पर पुलिस का पहरा रहेगा। बूथों पर 2200 पुलिसकर्मी और अर्द्ध सैनिक बल की आठ कंपनियों के 720 जवान तैनात रहेंगे। फतेहाबाद, रतिया व टोहाना विधानसभा क्षेत्र में 708 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा पांच डीएसपी और 17 निरीक्षक भी निगरानी रखेंगे। मतदान बूथों पर ड्यूटी के लिए फतेहाबाद, रतिया व टोहाना विधानसभा क्षेत्र के कर्मचारी व अधिकारी शुक्रवार को पोलिंग पार्टी समेत चुनाव सामग्री हासिल करके बसों के द्वारा रवाना होंगे।
पुलिस कर्मचारी स्ट्रांग रूम से पोलिंग पार्टी के साथ उपलब्ध करवाए गए वाहनों में सुरक्षित तरीके से ईवीएम को बूथ तक लेकर जाएंगे। जब तक ईवीएम वापस स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रूप से जमा नहीं हो जाती तब तक साथ रहेंगे। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी सरकारी वाहन का ही प्रयोग करेंगे। अपने निजी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
27 पेट्रोलिंग और 10 एसएसटी की तैनाती
पुलिस विभाग की तरफ से फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में डीएसपी कुलवंत सिंह, रतिया विधानसभा क्षेत्र में डीएसपी संजय कुमार व टोहाना विधानसभा क्षेत्र में डीएसपी शमशेर सिंह, डीएसपी भूना में डीएसपी जगदीश चंद्र को विधानसभा चुनाव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा ओवरऑल इंचार्ज डीएसपी मुख्यालय जयपाल सिंह को बनाया गया है। इनमें 27 पेट्रोलिंग पार्टी, 10 एसएसटी, 24 फ्लाइंग स्क्वायड टीम तैनात की गई है। पेट्रोलिंग पार्टी वॉकी टॉकी सेट व हथियारों से लैस होगी।
पुलिस व कर्मचारी बूथ पर नहीं खा सकेंगे किसी के घर खाना
एसपी का कहना है कि पुलिस कर्मियों को हिदायत दी गई है कि वह अधिकारियों से उचित तालमेल बनाकर रखें। पुलिस व होमगार्ड जवान बूथ पर नम्र व्यवहार करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से निष्पक्ष मतदान संपन्न करवाए। पुलिस कर्मचारी पीठासीन अधिकारी द्वारा बुलाए जाने उपरांत ही बूथ के अंदर जाएंगे तथा बेवजह अंदर प्रवेश नहीं करेंगे। कोई भी कर्मचारी रात के समय बूथ नहीं छोड़ेगा और न ही किसी के घर पर खाना खाएगा। खाने का प्रबंध प्रशासन द्वारा किया जाएगा।
वेबकास्टिंग से तीन स्तर पर होगी निगरानी :
उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग निगरानी के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष, जिला नियंत्रण कक्ष व विधानसभा के नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भी वेबकास्टिंग द्वारा निगरानी की जाएगी। किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान के दिन पोलिंग एजेंट, पोलिंग स्टेशन में केवल वहीं कार्यकलाप करेंगे जिसकी उनको अनुमति है। इसके अलावा, यदि वे कुछ भी गलत करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। मतदान के दिन उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों द्वारा दी गई शिकायतों की सुनवाई के लिए अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है।
मतदान केंद्र से 200 मीटर की दूरी में नहीं स्थापित होगा कोई भी बूथ
राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों द्वारा मतदान केंद्र से 200 मीटर की दूरी के भीतर कोई भी बूथ स्थापित नहीं किया जाएगा। अगर किसी स्थान पर एक से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, तो भी 200 मीटर की दूरी से परे उम्मीदवार का केवल एक बूथ होगा, प्रत्येक बूथ पर केवल एक मेज और दो कुर्सियां उपलब्ध कराई जाएंगी। धार्मिक स्थलों और कैंपस के आसपास बूथ नहीं खोले जा सकते हैं। शिक्षण संस्थान और अस्पताल में भी बूथ स्थापित नहीं किए जा सकते। बूथों पर भी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को निर्देशों की पालना करनी होगी। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले किसी भी बैनर को कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों द्वारा हटा दिया जाएगा।
आम जनता से अपील की है कि वे अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से सावधान रहे, अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक