अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। टोहाना के चंडीगढ रोड पर रिहायशी क्षेत्र में बनी दूध चिलिंग फैक्ट्री में शनिवार सुबह अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। देखते ही देखते गैस फैक्ट्री से बाहर फैल गई। इससे आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया। गैस के चढ़ने से लोगों को पेट दर्द, उल्टियां व दस्त लगने शुरू हो गए व इतना ही नहीं चक्कर भी आने लगे। फैक्ट्री के आसपास सांस लेना दूभर हो गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रदीप श्येराण टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फैक्ट्री मालिक ने बताया कि गैस की पाइप का वाल्व खराब हो गया है, जिसके चलते गैस का रिसाव हो रहा है व जब तक गैस खत्म नहीं होगी तब तक गैस नहीं रुकेगी। वहीं ज्यादा रिसाव को देखते हुए 500 मीटर के दायरे में रहने वाले सभी लोगों को निकाल कर डांगरा रोड स्थित एक कालोनी में लाया गया है। देर शाम को गैस रिसाव को रोक दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दूध चिलिंग फैक्ट्री में लगे वाल्व में लीकेज होने से अमोनिया गैस का रिसाव आरंभ हो गया। सुबह करीब 7 बजे इसके आसपास रहने वाले लोगों को जब आंखों में जलन महसूस हुई तो वह फैक्ट्री के पास आ गए और रोष जताना आरंभ कर दिया। इस दौरान रिसाव बढ़ गया और लोगों को उल्टियां व दस्त लगने शुरू हो गए। मौके पर मौजूद 3 महिलाओं को उल्टियां शुरू हुई तो लोगों ने स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर दमकल विभाग की 3 गाड़ियां, पुलिस व एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस में मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों का इलाज करना शुरू कर दिया। वहीं दमकल विभाग ने पानी डालकर रिसाव करने का प्रयास किया, लेकिन रिसाव नहीं रूका।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ प्रदीप श्योराण ने फैक्ट्री के आसपास 500 मीटर के दायरे में रह रहे करीब 250 मकानों को खाली करवा दिया और उनको डांगरा रोड पर संतोख कालोनी में शिफ्ट करवाया। लोगों को खाने पीने के लिए रोटी बैंक की ओर से भोजन उपलब्ध करवाया गया। 10 घंटे बाद गैस का रुख सीवरेज की ओर किया गया, जिससे रिसाव पर काबू पाया गया। वहीं दूसरी ओर फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों में फैक्ट्री संचालक के प्रति रोष है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार गैस रिसाव होता रहता है, जिससे उनके बच्चे व पूरे परिवार नरक की जिंदगी जीने को मजबूर है। उन्होंने मांग की है कि उक्त फैक्ट्री को रिहायशी क्षेत्र से दूर शहर के बाहर स्थापित किया जाए।