सुरेंद्र असीजा
फतेहाबाद। प्रशासन के बार-बार आग्रह के बावजूद किसान धान की पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे। पिछले दो दिनों में ही जिले में पराली जलाने की 205 से ऊपर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पराली जलाने की घटना के चित्र हिसार स्थित हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसैक) द्वारा सैटेलाइट से लिए गए। कृषि विभाग ने सोमवार को 210 किसानों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशा अनुसार नोटिस जारी कर दिए हैं। कृषि उप निदेशक बलवंत सिंह सहारण ने इसकी पुष्टि की है। अब तक किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं की संख्या 1151 पहुंच गई है।
इस बारे में अब तक 210 किसानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कृषि विभाग के अनुसार गांव सहनाल, अरहवां, हिजरावां, रतनगढ़, लाली, लालवास, मिराना, चिम्मो, ढाणी नलकावाली, चंदोकलां, अकावाली, कुंदनी, म्योंदकलां, साधनवास, भिरड़ाना, बुढनपुर, जल्लोपुर, कन्हड़ी, नन्हेड़ी, सिंथला, चौबारा, मोची, दहमान, झलनियां सहित 162 गांवों में खेतों में आग लगाई गई है। अब यहां पर किसानों के नाम चिह्नित किए जा रहे है। गांव स्तर पर किसानों के नाम इकट्ठे करके कृषि विभाग जिला प्रशासन को सौंपेगा। जिला प्रशासन राजस्व विभाग के माध्यम से इन किसानों को नोटिस जारी करेगा।
ये है जुर्माना का प्रावधान
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेशों के अनुसार पराली को आग लगाने से पर्यावरण दूषित होता है। इससे जहरीला धुआं मानव के शरीर को नुकसान पहुंचाता है। ट्रिब्युनल ने सरकार को निर्देश दे रखें हैं कि दो एकड़ में पराली जलाने वाले को 2500 रुपये, 5 एकड़ में आग लगाने वाले किसान को 5 हजार रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक में आग लगाने वाले किसान को 15 हजार रुपये प्रति घटना जुर्माना वसूला जाए।
सोमवार को कृषि विभाग 941 किसानों के नाम चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। किसानों के नाम सामने आते ही ट्रिब्युनल के आदेशानुसार हरियाणा स्टेट प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड नोटिस जारी करेगा। अगर किसान निर्धारित जुर्माना राशि अदा नहीं करता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। अब तक 4 किसानों ने 10 हजार की राशि भी जुर्माने के रूप में जमा करवाई है। हालांकि विभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 210 किसानों पर साढ़े 7 लाख रुपये जुर्माने का नोटिस भेजा गया है।
पिछले साल 2067 किसानों को दिया था नोटिस
पिछले वर्ष पराली जलाने के मामले में 2067 किसानों को कृषि विभाग ने पहला नोटिस जारी किया था। इनमें से अधिकांश किसानों ने नोटिस की कोई परवाह नही की। जबकि 695 किसानों ने 26 लाख 50 हजार रुपये की जुर्माना राशि कृषि विभाग को अदा की थी। बाकी बचे किसानों को कृषि विभाग ने दूसरा नोटिस जारी किया हुआ है। अगर अब भी किसान जुर्माना नहीं भरते तो राजस्व विभाग लैंड रिकवरी एक्ट के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
वर्जन
जले में पराली जलाने के 1151 मामलों की रिपोर्ट सैटेलाइट से मिली है। हिसार स्थित हरसैक केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किसानों को चिंहित करने का काम शुरू कर दिया गया है। 210 किसानों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
डा. बलवंत सिंह सहारण, कृषि उप निदेशक फतेहाबाद