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रोडवेज कर्मचारियों की 24 घंटे की भूख हड़ताल का समापन

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से विभाग में 720 प्राइवेट बसें ठेके पर लेने, एस्मा हटाने और कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमे रद्द करने की मांग को लेकर वीरवार को शुरू की गई 24 घंटे की भूख हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान मुंशीराम कम्बोज, महासचिव सुभाष चौहान व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूप सिंह भड़ोलांवाली ने हड़ताली कर्मचारियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त करवाई।
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भूख हड़ताल पर बैठने वालों में प्रधान मनोज कुण्डू, सूरजभान चोपड़ा, रिछपाल सोनी, रामदिया, शिव कुमार, बजरंग, मनजीत सिंह, राजेश सेलवाल, रोशन दहिया प्रधान टोहाना, चंद्रभान टोहाना, विरेन्द्र राठी टोहाना शामिल थे। रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन को कांग्रेस महिला विंग की जिला प्रधान कृष्णा पूनियां ने भी समर्थन दिया और धरनास्थल पर पहुंचकर सरकार से कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की। रोडवेज प्रांगण में कर्मचारियों के धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हरियाणा राज्य परिवहन एशिया की सबसे सस्ती, सरल व सुरक्षित परिवहन सेवा है जिसे सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए कौड़ियों के भाव बेचना चाहती है। रोडवेज की संयुक्त संघर्ष समिति को हरियाण कर्मचारी महासंघ व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का पुरजोर समर्थन है। संयुक्त संघर्ष समिति कर्मचारियों पर एस्मा लगाने की भी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही 720 बसों को हॉयर करने का फैसला रद्द करे, एस्मा के तहत दर्ज केस वापस हो व निलंबित कर्मचारियों को बिना शर्त बहाल किया जाए। प्रदेश सरकार रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति से बातचीत कर कर्मचारियों की अन्य मांगों का भी समाधान करें जिसमें रोडवेज के बेड़े में 14 हजार नई बसें शामिल करना, कर्मशाला में स्थायी भर्ती करना, 1992 से 2003 तक लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करना, 2016 में लगे चालकों को पक्का करना, पुरानी पेंशन नीति लागू करना आदि शामिल हैं।
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