सरकार के निर्देशानुसार आओ स्कूल चले अभियान के तहत 5 से 16 वर्ष तक के बच्चों का शिक्षा के प्रति रुझान को लेकर राजनगर में समाजसेवियों के सहयोग से अध्यापकों की एक टीम ने सर्वे किया। जिसमें लगभग 200 बच्चे ऐसे पाए गए जो किसी कारण वश शिक्षा ग्रहण करने से वंचित हैं।
उनमें से ऐसे भी कई बच्चे मिले जिनके माता-पिता फाटक पार स्कूल होने के कारण दुर्घटना के भय से बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाते। उनका कहना था कि अधिकतर आबादी राजनगर में रेलवे लाइन पार रहती है अगर इस आबादी में सरकारी स्कूल खोल दिया जाए तो अधिकतर बच्चे अनपढ़ता से बच सकते हैं। गरीबी के कारण वह अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कराने में असमर्थ हैं। उनके बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक जरूर हैं, लेकिन आर्थिक परेशानियों के चलते वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज करते हैं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सरकार को जाएगी रिपोर्ट
सर्वे के लिए गई टीम के सदस्य संजय खुरपा, नरेश कुमार, गीता देवी, सीमा, रेनूबाला ने बताया कि वे राजनगर के विभिन्न कालोनियों टिब्बा बस्ती, कल्याण नगर, पंजाबी बस्ती आदि में झुग्गी झोपड़ियों व कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों का सर्वे किया गया है। जिसमें 5 वर्ष से 16 वर्ष तक लगभग 200 बच्चें अनपढ़ता के शिकार हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
सर्वे करने गई टीम से बच्ची बोली, सर क्या मैं पढ़ पाऊंगी
सर्वे करने के लिए टीम ने जब वहां बच्चों से बात की तो गरीब घर से आई बेटी सीमा बोली कि सर क्या मैं भी स्कूल में पढ़ पाऊंगी। यह सुनकर सर्वे टीम के सदस्यों ने बच्चों के मन में पढ़ने की ललक को देखा तो उन्हें पढ़ने के लिए मदद का आश्वासन भी दिया।
पूर्व सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बना स्कूल
स्थानीय निवासी कुलदीप ने बताया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा टोहाना की अनाज मंडी में रैली के बाद प्रवेश उत्सव योजना का शुभारंभ करते हुए राजनगर में प्राथमिक पाठशाला की घोषणा की थी। उसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा सर्वे भी किया गया, लेकिन जगह की कमी के चलते स्कूल नहीं बनाया गया। अब नई सरकार में सर्वे कराया जा रहा है सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द एक स्कूल का निर्माण कराया जाए, ताकि जो बच्चे शिक्षा से वंचित हैं उन्हें भी आरटीई के तहत शिक्षा की धारा से जोड़ा जा सके।
चौपाल में स्कूल चलाने को लेकर विभाग को लिखा गया था पत्र
मोहल्ल वासियों ने बताया कि पूर्व सीएम द्वारा मोहल्ले में स्कूल बनाने की घोषणा के बाद मोहल्लावासियों ने विभाग को पत्र लिखकर मांग कि थी कि उनके पास लगभग 400 वर्ग गज की एक पंचायती चौपाल है जहां पर प्राइमरी तक स्कूल चलाकर बच्चों को शिक्षित किया जा सकता है। उन्होंने दोबारा मांग कि है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत अगर इस पंचायत में स्कूल बनाने की इजाजत दे दी जाए तो इस अभियान को सफलता मिलेगी।