भूना। कुलां रोड पर चंद्रावल माइनर ओवरफ्लो होने से रविवार की सुबह करीब पांच बजे 20 फुट चौड़ी दरार आ गई। इससे दर्जनों एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने इसकी सूचना पुलिस और सिंचाई विभाग को दी। इसके बाद सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता ललित सिंगला ने माइनर का पानी बुवान कोठी हेड से बंद करवा दिया। माइनर में 45 क्यूसिक पानी चल रहा था। मगर खेतों में पानी की आवश्यकता न होने के कारण किसानों ने माइनर के खेतों में सप्लाई मोगे बंद किए हुए थे। जिसके कारण माइनर नालंदा कन्या महाविद्यालय के पीछे ओवरफ्लो होने से टूट गई।
किसान कश्मीर सिंह, राजेंद्र सिंह, बलवीर सिंह व सुरेंद्र सिंह आदि ने माइनर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों व पुलिस स्टेशन में दी। सिंचाई विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और दर्जनों मजदूरों व जेसीबी मशीन की मदद से माइनर को पाटने का कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बुवान कोठी से माइनर की पानी सप्लाई बंद करवा दी। जिससे किसानों की गेहूं की फसल में भारी नुकसान होने से बच गया। परंतु करीब दो दर्जन एकड़ गेहूं की फसल में पानी का जलभराव हो गया। माइनर में दरार आने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी मदन लाल मित्तल व थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह नैन मौके पर पहुंचे। जेई ललित कुमार सिंगला ने बताया कि चंद्रावल माइनर में शुक्रवार की दोपहर 12 बजे पानी छोड़ा गया था। किंतु बारिश के बाद खेतों में पानी की आवश्यकता कम पड़ गई है। जिसके कारण किसानों ने माइनर के कई मोगे बंद कर दिए गए है। उसी के चलते रविवार को माइनर ओवरफ्लो होने के कारण टूट गई।
समय पर काबू कर लिया गया : एसडीओ
सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी मदनलाल मित्तल ने बताया कि माइनर टूटने की सूचना मिलने के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करके समय पर काबू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटों के पास दरार को पाट दिया गया और माइनर में पुन: पानी की सप्लाई को बहाल कर दिया गया।