गांव रामसरा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में घुसकर शिक्षक जितेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने कारतूस उपलब्ध करवाने के आरोपी सिरसा निवासी कन्हैया को काबू कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने सिरसा से पकड़ा है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कन्हैया ने चार हजार रुपये में 20 कारतूस उपलब्ध करवाए थे। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, यहां से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों हिसार के गांव चूलीकलां निवासी विनोद तथा भूना के गांव गोरखपुर निवासी विकास को काबू कर कोर्ट से पहले ही रिमांड पर ले चुकी है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने प्रेस वार्ता कर मामले का पूरा खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि शिक्षक जितेंद्र पर आरोपी विकास तथा हिसार के बरवाला निवासी अनिल ने गोली चलाई थी। हत्या करने में तीन पिस्तौलों का इस्तेमाल हुआ। इसमें से दो पिस्तौल और आठ कारतूस विकास से बरामद कर लिए हैं। शिक्षक की हत्या की साजिश करीब तीन माह पहले बननी शुरू हो गई थी। वारदात का मुख्य साजिशकर्ता गांव खैरमपुर निवासी राकेश है, जिसने एक साल पहले शिक्षक को धमकी दी थी कि वह शराब ठेके न ले। इसके बावजूद शिक्षक के परिवार ने ठेके लिए थे। इसी रंजिश के चलते राकेश ने अपने साथियों के साथ साजिश रची। अब एक अप्रैल से अलॉट होने वाले नए शराब ठेकों की शिक्षक का परिवार बोली न दे पाए इसलिए वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में शामिल अनिल, राकेश और एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है।
विनोद ने पनाह के लिए दिए थे रुपये
पुलिस ने सबसे पहले मामले में आरोपी विनोद को पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि विनोद ने हत्या के लिए अनिल और विकास को पिस्तौल उपलब्ध करवाए थे। इसके अलावा विनोद ही आरोपियों को कारतूस लेकर आने के लिए मोटरसाइकिल पर साथ लेकर घूमता था। हत्या के बाद विनोद ने अनिल और विकास को रुपये दिए थे ताकि राजस्थान के होटलों में रुक सकें। इसके अलावा राजस्थान में कई जगह पनाह भी दिलवाई।
फेसबुक पर दोस्ती कर विकास को गैंग में किया शामिल
गांव गोरखुपर निवासी विकास की उम्र मात्र 19 साल है, लेकिन आरोपी राकेश ने उसे बदमाश बना दिया। बताया जा रहा है कि विकास के मां-बाप नहीं है। करीब चार-पांच माह पहले राकेश ने फेसबुक के जरिये विकास के साथ दोस्ती की और अपना साथी बना लिया। पुलिस के मुताबिक विकास का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
शक के दायरे में शामिल 40 लोगों की सूची में शामिल था आरोपी राकेश
जितेंद्र की गोली मारकर हत्या करने के बाद पुलिस के लिए मामले को सुलझाना पहेली बन गया था। पुलिस ने परिवार से उन लोगों के नाम पूछे, जिन पर उन्हें शक था। करीब 40 लोगों की सूची तैयार हुई, जिसमें आरोपी राकेश का नाम भी था। पुलिस ने जब आरोपी राकेश व उसके साथियों के बारे में पता लगाना शुरू किया तो सुराग हाथ लगने लगे।
तीन आरोपियों पहले भी दर्ज है पर हत्या का मामला
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में शामिल तीन आरोपियों पर हत्या के पहले भी केस दर्ज हैं। आरोपी विनोद के खिलाफ राजस्थान के तारानगर में हत्या का केस दर्ज है। हिसार निवासी अनिल पर 2017 में बरवाला में हत्या का केस हुआ था। गांव खैरमपुर निवासी राकेश पर राजस्थान के भादरा में हत्या का केस दर्ज है। इसके अलावा राकेश पर हिसार में लूट के कई मामले दर्ज हैं।
कोट
शिक्षक जितेंद्र हत्या मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया है। पकड़े गए आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो पिस्तौल व जिंदा कारतूस बरामद किए है। इस मामले में तीन आरोपी और भी शामिल हैं, जिन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा।
- राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक।