फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर एंबुलेंस का इंतजार करती हुई प्रसुता सुनीता
फतेहाबाद। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का असर मरीजों पर पड़ रहा है खासकर गर्भवतियों को समय पर एंबुलेंस न मिलने से परेशानी हो रही है। यहां तक कि डिलीवरी के बाद घर जाने के लिए भी एक-एक घंटे का इंतजार धूप में करना पड़ रहा है। शुक्रवार को दो प्रसूता आपातकाल विभाग के बाहर धूप में पांच दिन के बच्चे को गोद में लिए एंबुलेंस का इंतजार करती रहीं। लेकिन 50 मिनट तक एंबुलेंस नहीं मिली। कंट्रोल रूम में जाने पर जवाब मिला कि इंतजार कीजिए चालक खाना खा रहे हैं तो कभी कहा गया कि चालक नहीं है। जिले में 28 में से 15 एंबुलेंस ही चल रही हैं और वह भी बिना ईएमटी दौड़ रही हैं। ये ही नहीं स्थायी स्टाफ नर्स को दूसरी ड्यूटी छोड़कर इमरजेंसी में मरीजों की ईसीजी करनी पड़ रही है। सिविल सर्जन कार्यालय में 8 दिन से काम ठप है। शुक्रवार को एनएचएम कर्मियों ने चार दिन और हड़ताल बढ़ा दी। कर्मचारियों ने धरना स्थल पर सद्बुद्धि हवन किया। सिविल सर्जन कार्यालय ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों को दोबारा नोटिस जारी कर दिया है।
सिजेरियन डिलिवरी हुई गोद में लिए बच्चा करती रही इंतजार
पहला केस : मेरी नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी हुई और लड़का हुआ है। गांव नूरकी जाना है और सरकार की तरफ से एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है। लेकिन 40 मिनट हो गए एंबुलेंस नहीं मिली है। कभी कहा जाता है कि चालक खाना खा रहा है तो कभी कहा जाता है कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं समय लगेगा।
सुनीता रानी, निवासी नूरकी
दूसरा केस : रविवार को डिलीवरी हुई थी। वार्ड से मुझे डिस्चार्ज कर दिया और नीचे भेज दिया और कहा कि एंबुलेंस मिलेगी और घर चले जाना। लेकिन 50 मिनट से बाहर इंतजार कर रहे है एंबुलेंस नहीं मिली है। कंट्रोल रूम में जाते है तो कहा जाता है कि फोन कर दिया जाएगा।
- गनीता, निवासी नखाटिया
6 अगस्त तक कर्मचारी हड़ताल पर
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश में बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं के अभी जल्द ठीक होने की उम्मीद नहीं है। कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करते हुए अपनी हड़ताल को 4 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। एनएचएम सांझा मोर्चा ने ऐलान किया है कि प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी 6 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगे। शुक्रवार को नागरिक अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने एनएचएम अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए हवन भी किया। हवन में आहूति डालते हुए एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने अधिकारियों की सद्बुद्धि देने का काम करे ताकि काम छोड़कर सडक़ों बैठे कर्मचारी अपनी मांगें पूरी होने के बाद काम पर लौट सके।
हड़ताल से ये काम भी प्रभावित
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा सब सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चलाया जाता है इसमें गर्भवती और बच्चों का टीकाकरण होता है लेकिन ये अभियान बंद है। अस्पताल स्तर पर ही टीकाकरण हो रहा है।
- जिले के 10 पीएचसी में डिलीवरी हट है। लेकिन हड़ताल से डिलीवरी सुविधाएं प्रभावित है। स्थायी स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई जा रही है।
- स्वास्थ्य विभाग का एनीमिया मुक्त अभियान 8 दिन से बंद है।
- हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर लगाए गए सीएचओ भी हड़ताल पर हैं। इसके चलते गर्भवती की जांच और एनसीडी क्लीनिक का काम प्रभावित है। हरियाणा निरोगी अभियान भी प्रभावित है।
- टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और जांच भी प्रभावित हो रही है।
कर्मचारियों को जारी किया कारण बताओ नोटिस
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण काम तो प्रभावित हुआ है लेकिन व्यवस्था बनाई जा रही है। कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया जा रहा है।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन