फतेहाबाद के बीघड़ रोड पर दोपहर 12 बजे पड़ा कचरा।
फतेहाबाद। शहर की स्वच्छता पर नगर परिषद हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर परिणाम जीरो है। शहर के डंपिंग प्वाइंट से दोपहर 12 बजे तक कचरा नहीं उठ रहा है तो दो माह से सार्वजनिक शौचालयों की सफाई नहीं हो रही है। ये हालात तब हैं, जब शहर और गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए स्टेट लेवल टास्क फोर्स के वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र स्वच्छ भारत मिशन के तह अधिकारियों की बैठक लेने के लिए आए हुए हैं।
वीरवार को पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई कि डोर टू डोर कचरा उठान एजेंसी डंपिंग साइट से दोपहर बाद कचरा उठा रही है और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई का दो माह पहले ठेका खत्म हो चुका है। दोबारा लगाने की प्रक्रिया ही शुरू नहीं की गई है। नगर परिषद ने खुद के कर्मचारियों को जिम्मेदारी दे रखी है, लेकिन कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं। शहर में 15 सार्वजनिक शौचालय हैं।
1675 रुपये प्रति टन के हिसाब से होगा भुगतान :
नगर परिषद ने निजी एजेंसी को 1675 रुपये प्रति टन के हिसाब से ठेका दे रखा है। डोर-टू डोर कचरा उठान के साथ-साथ कचरा डंपिंग प्वाइंट से भी उठान करना है। हालांकि यहां से 12 बजे के बाद एजेंसी उठान करती है। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डंपिंग प्वाइंट पर नगर परिषद कर्मचारी देरी से कचरा डालते हैं।
नगर परिषद द्वारा पहले निजी एजेंसी को शौचालयों की सफाई का ठेका दिया गया था। ठेका खत्म हो चुका है। जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डंपिंग प्वाइंट से अगर देरी से कचरा उठाया जा रहा है तो इस पर संज्ञान लिया जाएगा।
- मुकेश शर्मा, सीएसआई