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ंदरों से परेशान थे दूल्हे राजा, दहेज में दुल्हन लेकर आई लंगूर

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बंदरों से परेशान थे वर पक्ष के लोग, दहेज में दुल्हन लेकर आई लंगूर
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-टोहाना में हुई अनोखी शादी, दुल्हन की सोच से ससुराल की सबसे बड़ी परेशानी हुई दूर
सुशील सिंगला
टोहाना। टोहाना में एक अनूठी शादी हुई है। शादियों के दौरान अक्सर देखने को मिलता है कि वधू पक्ष के लोग वधू को विदाई के समय को महंगे गिफ्ट, गाड़ियां और अन्य सामान देते हैं, लेकिन टोहाना में ऐसी शादी हुई है, जिसमें बंदरों से परेशान दुल्हे को ससुराल पक्ष ने लंगूर दिया है। दुल्हन अपने अन्य सामान के साथ लंगूर भी लेकर आई है। लंगूर के आने के बाद अब घर में बंदरों का आतंक भी समाप्त हो गया है। परिजनों ने बताया कि दुल्हन लंगूर लेकर आई और बंदर आउट हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टोहाना शहर में पूनिया पाइप के नाम से काम करने वाले कर्मवीर पूनिया के बेटे संजय का विवाह 11 फरवरी को उचाना के गांव डोहानाखेड़ा गांव में चांदीराम की बेटी रीतू से हुआ था। पूनिया परिवार ने टोहाना में अपने निवास में भैंसें पाल रखी हैं। इन भैंसों के लिए उन्होंने घर पास ही पौने दो एकड़ जमीन पर पशुओं का चारा बो रखा है। कर्मवीर पूनिया ने बताया कि टोहाना में इन दिनों बंदरों का बड़ा आतंक है। बंदरों ने शहरवासियों का जीना हराम हो गया है। उनके घर पर तो बंदरों की टोली मंडराती रहती है और हर समय उनको परेशान करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि वे खेती का कार्य करते हैं वे चारा, मूली, शलगम व सब्जियों की खेती करते हैं तथा लंबे समय से शहर में बंदरों ने उत्पात मचाया हुआ है एक आदमी को वे बंदरों को भगाने के लिए छोड़ रखा था। जब उनके बेटे संजय की शादी की तारीख तय करने के लिए उनके ससुर आए तो लंगूर से बंदरों को भगाने की बात हुई जिसके बाद उनके पिता ने दहेज के रूप में जूली नाम का लंगूर उन्हें दिया है।
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विवाहिता रीतू ने बताया कि वह नरवाना के गांव डोहानाखेडा गांव की रहने वाली है। उनके पिता चांदीराम एक किसान है तथा खेतीबाड़ी कर घर का गुजर बसर करते हैं। अभी वह बीए में पढ़ रही है। उसने बताया कि जब उसके पिता शादी की तारीख तय करने के लिए आए थे, तो उनके ससुर पिता को जमीन दिखा रहे थे जहां बंदर आकर फसल को तबाह कर देते थे। उस समय उसके पिता चांदीराम ने कहा कि आप लंगूर से इन बंदरों को भगा सकते हैं, जिसके चलते उसके पिता ने उन्हें लंगूर दिया है जिसके बाद से कोई भी बंदर यहां नहीं आ रहा और फसल सुरक्षित है तथा घरवाले भी खुश है। रीतू की जेठानी सोनाक्षी ने बताया कि उसके देवर की 11 फरवरी को शादी थी जिसमें दहेज के रूप में उनकी देवरानी लंगूर जूली लेकर आई है जिसके आने से बंदरों की समस्या का हल हुआ है तथा बच्चे भी इसके साथ खेलकर समय बिताते हैं।
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