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नि मिले ही चले गए सीएम, परियोजना वर्कर्स में रोष

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
महिलाओं के हितों व बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा और उसके मुख्यमंत्री के पास बेटियों के लिए समय ही नहीं है। यह नजारा आज आशा वर्कर्स, मिड डे मील वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स की हजारों वर्कर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए फतेहाबाद पहुंची थीं, लेकिन मुख्यमंत्री महिलाओं से बिना मिले ही फतेहाबाद से चले गए। यह घोर चिंता का विषय है। यह बात सीटू राज्य महासचिव जयभगवान ने शनिवार फतेहाबाद हजारों परियोजना वर्करों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान शीला शक्करपुरा, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स यूनियन की संयोजक सुनीता झलनियां व मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव किरणपाल कौर ने की। संचालन माया पूनियां ने किया।
बता दें कि काफी लंबे समय से तीनों परियोजना कर्मियों का आंदोलन मांग-मुद्दों को लेकर चल रहा है। सीटू के जिला उपप्रधान रमेश जांडली, सचिव ओमप्रकाश अनेजा ने कहा कि मिड डे मील का काम पंचायतों को सौंपने, आंगनवाड़ी में भोजन के पैसे केस ट्रांसफर और स्वास्थ्य विभाग का काम एनजीओ को देने तथा परियोजनाओं का निजीकरण के खिलाफ आंदोलन जारी है परंतु सरकार बड़ी बेशर्मी से अपने चहेतों व कम्पनियों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
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उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के बजट में कटौती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सभी आशा, मिड डे मील और आंगनबाड़ी वर्करों, हैल्परों को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए व न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये दिया जाए। परियोजना कर्मियों ने पटवार भवन से लेकर डीएसपी रोड, जवाहर चौक, मेन बाजार से बस अड्डे तक प्रदर्शन किया वहां तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में ऐलान किया गया कि 14 जनवरी को पूरे देश में परियोजना कर्मी एक दिन की हड़ताल करेंगी।
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सीटू के राज्य महासचिव जयभगवान ने कहा कि जय भारत विश्व में भूख सूचकांक में 118 में से 97वें नंबर पर है और केन्द्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी में कैश ट्रांसफर बहुत ही आत्मघाती कदम है। 27 लाख आंगनवाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स जोकि 10 करोड़ बच्चों व 2 करोड़ गर्भवति व स्तनपान कराने वाली माताओं को बुनियादी तौर पर सुविधाएं उपलब्ध कराती है। हरियाणा में 32 हजार मिड डे मील वर्कर्स जो अति गरीब, दलित व बेसहारा परिवारों से और विधवा महिलाएं है, उनको केवल 2500 रुपये 10 महीने का मानदेय मिलता है जोकि सरासर अन्याय है। प्रदर्शन को सीटू नेता जंगीर सिंह, राजकुमार निराणियां, गुरप्रीत सिंह, मुकेश डूल्ट, मदन सिंह, अनिता इंदाछुई, सुलोचना, सुमन धारनियां, सविता भूना, गीता ढिंगसरा, अनिता शहीदांवाली, शीला दहमान, दमयंती धारनियां, सीता बरसीन, मलकीत कौर सहित अनेक परियोजना वर्कर्स ने संबोधित किया।
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